सोलन। जिले में कोविड संक्रमण दिनोंदिन बढ़ रहा है। इसके बावजूद उचित मूल्य की दुकानों में राशन वितरण के लिए पीओएस मशीन से ही राशन दिया जा रहा है। कार्डधारकों के लिए अंगूठा लगाना जरूरी है। ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
जिले में 318 पंजीकृत उचित मूल्य की दुकानें हैं लेकिन कई दुकान संचालकों के पास सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं हैं। इस कारण बिना सैनिटाइजर के पीओएस मशीनों पर कार्डधारकों के अंगूठा लगा रहे हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि जिले में पीओएस मशीन से राशन देने की अनुमति दी गई है। इसमें पीओएस मशीन को सैनिटाइजेशन कर कार्डधारकों के अंगूठे लगवाने के निर्देश हैं।
डिपो संचालकों का कहना है कि उन्हें दो हजार से 3500 रुपये तक का वेतन दिया जा रहा है। इसमें वह दुकान के लिए सैनिटाइजर का खर्च वहन नहीं कर सकते। उन्होंने मांग की है कि उनकी दुकानों के लिए सैनिटाइजेशन दिया जाए। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग नरेंद्र धीमान ने बताया कि राशन कार्डधारकों को हर माह राशन मुहैया कराया जा रहा है। राशन वितरण के दौरान सामाजिक दूरी का पालन कर ग्राहकों की लाइन लगवाकर और ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने से पहले हाथ सैनिटाइज करवाने के निर्देश दिए हैं। जिले के सभी डिपुओं के लिए सैनिटाइजर भेजे जा रहे हैं।
मई, जून माह में निशुल्क मिलेगा पांच किलो राशन
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारी नरेंद्र धीमान ने बताया कि मई और जून माह में एपीएल कार्ड धारकों को छोड़कर अन्य सभी को दो किला चावल और तीन किलों गेहूं भी दी जाएगी। इसका वितरण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने कोविड के बीच डिपो संचालकों से अपील की है कि वे एसओपी का पालन करें। जिन डिपुओं में अधिक कार्डधारक हैं, वे वार्ड वाइज या पंचायत वाइज लोगों को अलग-अलग दिनों में राशन दे सकते हैं।