अर्की (सोलन)। उपमंडल के बनिया देवी में जेष्ठ माह के संक्रांति को होने वाला वार्षिक मेला इस बार कोरोना से बचाव को किए लॉक डाउन की भेंट चढ़ गया। इस मेले को नहीं मनाए जाने से श्रद्धालुओं और छोटे-बड़े व्यापारियों में निराशा है। स्थानीय निवासी बलदेव गौतम, रमेश गौतम ने बताया कि इतिहास में शायद पहली बार हर वर्ष होने वाला मां बनिया देवी का मेला नहीं मनाया गया।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट भी बंद हैं। इस दौरान केवल मंदिर के पुजारी ही सुबह-शाम पूजा-अर्चना और आरती कर रहे हैं। श्रद्धालु चमन लाल, सुरेंद्र पाठक, कलावती, बिमला, कांशीराम, कौशल्या, वेद प्रकाश का कहना है कि उनके पहली मर्तबा बणिया री जात्रा के नाम से मशहूर मेला नहीं हुआ। उन्होंने मां बनिया देवी से मन्नत मांगी कि कोरोना महामारी से समाज के सभी लोगों को बचाए।