50 हजार रुपये का चेक जमा करवाने के बाद सहायक पंजीयक की अदालत ने गिरफ्तारी वारंट किया रद्द
शिमला जिले का है डिफाल्टर, सोलन में लिया था 2.50 लाख रुपये का लोन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक लोन रिकवरी मामले में डिफाल्टर से जुड़े एक मामले में बड़ा मोड़ आया है। पुलिस की ओर से शिमला में तलाश किए जा रहे एक डिफॉल्टर ने गिरफ्तारी से ठीक पहले सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं की अदालत में सरेंडर कर दिया। जहां उसने अपने 2.50 लाख रुपये के लोन के बदले तुरंत 50 हजार रुपये का चेक जमा करवा दिया। डिफॉल्टर की ओर से 20 फीसदी रकम जमा करवाने के बाद सहायक पंजीयक की अदालत ने उसके गिरफ्तारी वारंट को फिलहाल रद्द कर दिया है। हालांकि, डिफॉल्टर को अपनी बकाया राशि जल्द जमा करवाने के लिए अल्टीमेटम दिया गया है, जिसे उसने स्वीकार कर लिया है। जानकारी के अनुसार डिफाल्टर शिमला जिले का रहने वाला है, उसने सोलन में प्रॉपर्टी के लिए लोन लिया था। कई बार नोटिस देने के बाद भी डिफाल्टर न तो ऋण चुका रहा था और न ही सहायक पंजीयक की अदालत में पेश हो रहा था। वहीं अब बैंक में आरबीआई की ओर से कैपिंग लगने के बाद डिफाल्टर की फाइल सहायक पंजीयक की अदालत में पहुंची। जहां पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए। पुलिस डिफाल्टर की लगातार तलाश कर रही थी।
कोट
शिमला के एक डिफाल्टर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए 50 हजार रुपये का चेक दिया है। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के वारंट को फिलहाल रद्द कर दिया है। उसे जल्द ही अन्य रकम चुकाने के लिए भी कहा है।
गिरीश नड्डा,सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं,सोलन