अनियमितताओं से नाराज सहकारी समिति के पंजीयक ने की कार्रवाई
चेयरमैन समेत कई निदेशकों के चुनाव लड़ने पर लगाई गई अब रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक में हुई अनियमितताओं के मामले में सहकारी समितियों के पंजीयक ने बड़ा निर्णय लिया है। पंजीयक ने बैंक के मौजूदा निदेशक मंडल (बीओडी) के सदस्यों के आगामी तीन साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। ऐसे में बघाट बैंक की बीओडी के लिए होने वाले चुनाव में मौजूदा बीओडी का कोई भी पदाधिकारी भाग नहीं ले सकेगा।
हालांकि, मौजूदा बीओडी पहले ही भंग की जा चुकी है और सरकार ने बैंक का संचालन तीन प्रशासकों को सौंपा है। प्रतिबंध की कार्रवाई की जद में तत्कालीन चेयरमैन अरुण शर्मा, वाइस चेयरमैन किरण किशोर, निदेशक सुंदर सिंह ठाकुर, संजीव कुमार, कृष्ण ग्रोवर, अमर सिंह ठाकुर, कल्पना ठाकुर और नामित निदेशक गगन चौहान शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, बघाट बैंक में सामने आई अनियमितताओं को लेकर पंजीयक ने बीओडी के सदस्यों से जवाब मांगा था। जवाब से संतुष्ट न होने पर सहकारी समितियों के नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, संबंधित सदस्य इस निर्णय के खिलाफ अदालत का रुख कर सकते हैं। यदि अदालत से उन्हें राहत मिलती है तो चुनाव लड़ने का रास्ता खुल सकता है।
कैपिंग हटने का इंतजार
दूसरी ओर, बैंक के पुनरुद्धार के लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई थी। इसके बाद उम्मीद थी कि बैंक पर लगी कैपिंग जल्द हट जाएगी, लेकिन अभी तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। बैंक प्रबंधन अब सरकार से आरबीआई के समक्ष मामला उठाने का आग्रह कर रहा है, ताकि बैंक पर लगी पाबंदियां हट सकें। बैंक के हजारों ग्राहक भी कैपिंग हटने का इंतजार कर रहे हैं। कैपिंग हटने के बाद ही ग्राहकों के लिए अपने खातों से निर्धारित राशि निकालने का रास्ता साफ हो सकेगा।