ध्वनि और वायु प्रदूषण से परेशान हो गए बद्दी के ग्रामीण
संघर्ष समिति का गठन कर ज्ञान ठाकुर को बनाया प्रधान
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। महादेव गोशाला में एथनॉल प्लांट के खिलाफ लोग मुखर हुए लोगों ने फैक्टरी संचालकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया है। इस मौके पर जन चेतना महादेव संघर्ष समिति का गठन कर ज्ञान चंद ठाकुर को प्रधान चुना गया। शेष कार्यकारिणी का चयन प्रधान की ओर से किया जाएगा।
समाज सेवक ज्ञान ठाकुर, ट्रक यूनियन के प्रधान चौधरी विद्या रतन, जसविंद्र सिंह, भगत राम, गुरचरण सिंह, परमिंदर चौधरी, करनैल सिंह, सिकंदर, बलविंद्र सिंह, सर्वजीत सिंह, राम स्वरूप, दलवीर सिंह, दिग्विजय चौधरी, बगत सिंह, रामलोक, सुनील चौधरी, रोशनलाल के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। ज्ञान चंद ठाकुर ने कहा कि फैक्टरी से जुड़ीं गतिविधियों के कारण धुआं, दुर्गंध, गंदे पानी और कचरे की समस्या सामने आ रही है। इसके अलावा फैक्टरी में पानी के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। फैक्टरी परिसर में मौजूद सभी बोरवेल और ट्यूबवेल की जांच कर यह पता लगाया जाए कि उनके लिए आवश्यक अनुमति मौजूद है या नहीं और प्रतिदिन कितनी मात्रा में भूजल निकाला जा रहा है। 700 गायों वाली गोशाला के पास प्रदूषण और शोर पर सवाल उठाया है। संभावित प्रदूषण और लगातार तेज शोर का असर गोवंश के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है। पानी, हवा और मिट्टी के सैंपल लेने की मांग कर अधिकृत प्रयोगशाला में जांच करवाने की मांग उठाई गई है। स्थानीय लोगों ने फैक्ट्री में प्रतिदिन इस्तेमाल होने वाले पानी का रिकॉर्ड और पानी के मीटर की जांच, सभी बोरवेल, ट्यूबवेल की अनुमति और भूजल निकासी की मात्रा की जांच करने की मांग की है। इसके साथ ही दिन और रात दोनों समय ध्वनि-स्तर की नियमानुसार माप कर रिकॉर्ड तैयार करने की मांग की गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल कैंप की मांग की है। साथ ही प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच करवाने की मांग की है। भगत राम ने फैक्टरी को गांव के बीच क्यों लगाया गया। यहां पर सामने गोशाला है। इसमें 800 गोवंश है। अभी फैक्टरी ट्रायल पर चली हुई है। इसके चलने से आवाज आ रही है। और धुआं भी आ रहा है।