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किराया बढ़ाने वाले ऑटो संचालकों के लाइसेंस हो रद्द

Sun, 12 Jun 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, साोलन
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शहर में प्रशासन की मंजूरी लिए बिना आटो रिक्शा का किराया बढ़ाने के खिलाफ सामाजिक व अन्य संस्थाएं लामबंद होने लगी है। ग्राहक पंचायत, वरिष्ठ नागरिकों एवं भाजपा ने बिना मंजूरी ऑटो किराया बढ़ाने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आटो चालकों की अंधेरगर्दी करार दिया है। ग्राहक पंचायत ने रविवार को बैठक कर प्रशासन से ऐसे आटो चालकों के लाइसेंस रद्द करने की मांग उठाई जो दोगुणा किराया वसूल रहे हैं। वहीं मनमाने ढंग से किराया बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध की आवाज बुलंद की है।
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वक्ताओं ने कहा कि यह सोलन क्षेत्र में ऑटो चालकों की मनमानी व प्रशासन की लाचारी है। मामले में भाजपा ने भी विरोध के स्वर बुलंद कर दिए हैं। न्यूनतम किराया 5 से 10 रुपये करना अनुचित है। संस्था का कहना है कि आटो का किराया बढ़ाने से पीछे चालक तर्क दे रहे कि केवल तीन सवारियों वाले नियम को लागू करने पर किराए को बढ़ाया गया है। प्रशासन की ओर से सिर्फ तीन सवारी बैठाने के नियम से लोगों को सुरक्षा व व्हीकल एक्ट के नियमों की अनुपालना है। यात्रियों की सख्ती के लिए यह जरूरी है। प्रशासन की इस मुहिम का ग्राहक पंचायत स्वागत करती है।

बैठक की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष अनिल वर्मा ने की। इसमें प्रांत सचिव रमन प्रिम्टा, प्रकाश, राजीव त्यागी, विनोद चौहान, नवीन निश्चल, शहर इकाई अध्यक्ष लायक राम ठाकुर, अनिल कुमार, सचिव विक्रम मेहता, राजेंद्र ठाकुर, कल्पना नेगी, सरिता वर्मा व अन्य मौजूद रहे। ग्राहक पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सोलन को इस संदर्भ में ज्ञापन सौंपेगा।
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बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आटो में सिर्फ तीन सवारी प्लस एक चालक के नियम आटो के इंजन की क्षमता व इंश्योरेंस तथा तकनीकी तौर पर अध्ययन के बाद बनाए एवं लागू किए जाते है। आटो चालकों की ओर से 5 से 10 रुपये किराया किया जाना तर्कहीन अन्यायपूर्ण व अपनी मनमानी व आम ग्राहकों को लूटने का षड्यंत्र है। इसके खिलाफ आम लोगों को एकत्र होकर विरोध के बिगुल बजाना जरूरी है।

ग्राहक पंचायत की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उन्हें संदेह है कि आटो चालक शुरू में तो तीन सवारियां लेकर न्यूनतम 10 रुपये किराया वसूल करेंगे। कुछ दिनों में इसी किराये पर 6 से 7 सवारियां भी ढोना शुरू कर देंगे। तीन सवारियों वाले नियम की आड़ में आटो चालक किराया दोगुणा करवाकर लोगों को लूटने की योजना बना रहे हैं।

पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष जयदेव शर्मा ने कहा कि आटो चालकों ने अपना राज चला रखा है। प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए आटो का किराया बढ़ाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि चंबाघाट और डीसी आफिस से आटो स्टैंड हटाकर बस स्टैंड बनाया जाए। वरिष्ठ नागरिकों प्रेम गौतम, दीपक शर्मा, संसार चंद, बलदेव गुप्ता, अनिल कुमार और जीवन सिंह का कहना है कि अगर प्रशासन चाहे तो आटो चालकों की मनमानी पर सख्ती कर व्यवस्था को पटरी पर ला सकती है।

उन्होंने प्रशासन से नियमानुसार उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शहर में अधिक से अधिक मुद्रिका बसें चलाने का आह्वान किया है। बेरोजगार युवाओं को प्राइवेट बसों, टैक्सी व छोटे वाहनों के परमिट दिए जाए ताकि लोगों व आम नागरिकों को सस्ते दामों पर परिवहन सुविधा मुहैया करवा सकेें।

सोलन भाजपा मंडल के रविंद्र परिहार, महामंत्री शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेवारी है कि आटो किराया बढ़ाने वालों पर सख्ती करते हुए कार्रवाई की जाए। कांग्रेस राज में अफसरशाही लाचार हो चुकी है और ऑटो चालक प्रशासन से ऊपर होकर मनमाने ढंग से किराया बढ़ा रहे हैं।

300 से अधिक दौड़ रहे ऑटो
शहर में करीब 300 आटो दौड़ रहे हैं। सुबह से लेकर देर रात तक आम लोगों को यह आटो यातायात सुविधा प्रदान करते हैं। जबकि स्पेशल ऑटो का रेट डबल कर दिया है। सोलन में आटो के माध्यम से अभिभावक अपने बच्चों के निजी स्कूल में भेजते हैं। अधिकांश स्कूलों में माह फिक्स किया हुआ है। ऐसे में आटो संचालकों का रवैया यही रहा तो स्कूलों में लगे आटो में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
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