पदाधिकारी बोलीं, कई कार्य करवाए जा रहे, सितंबर से नहीं दिया मानदेय
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर की आशा कार्यकर्ताओं ने समय पर मानदेय न मिलने के विरोध में केंद्र सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मानदेय समय पर नहीं मिलने के कारण घर-परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मानदेय नहीं तो काम नहीं का नारा भी लगाया।
आशा कार्यकर्ता संघ की प्रदेशाध्यक्ष अनिता देवी ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला मानदेय 2000 रुपये है। इसमें कार्य विधि पूरी न करने पर राशि काट ली जाती है। उनका कहना है कि यह अन्याय है। हालांकि राज्य सरकार से मिलने वाला मानदेय 5800 रुपये मिल रहा है।
अनिता ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का जेएसवाई और नॉन जेएसवाई मानदेय पहले इकट्ठा मिलता था। अब यह राशि नहीं दी जा रही है। उन्हें सितंबर से मानदेय नहीं मिला है। नॉन जेएसवाई मानदेय बंद कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नॉन जेएसवाई का मानदेय नहीं दिया गया, तो कार्यकर्ता काम नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को जच्चा-बच्चा मृत्यु दर को कम करने के लिए रखा गया था, लेकिन अब सभी कार्य ऑनलाइन एप से लिए जा रहे हैं, जिससे कार्य और जिम्मेदारी बढ़ गई है।
इस अवसर पर आशा कार्यकर्ताओं की बीएमएस से संबंधित ब्लॉक अध्यक्ष मंजु, प्रीति, बीशु, नीतु, प्रोमिला, दुर्गा, पूनम और जयमाला भी मौजूद रहीं। बीएमओ धर्मपुर परमिंद्र सिंह ने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल के कारण यह दिक्कत आई हैं। जल्द ही बकाया मानदेय उनके खातों में जमा कर दिया जाएगा।