राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चंडी में स्टाफ की कमी बच्चों पर भारी पड़ रही है। अभिभावकों के मुताबिक स्कूल में मेडिकल, नॉन मेडिकल और कामर्स के स्टूडेंट्स की पढ़ाई बाधित हो रही है। इन विषयों के करीब छह पद रिक्त पड़े हैं। मजबूरन व्यवस्था को धकेलने के लिए प्रबंधन दूसरे सब्जेक्ट्स के शिक्षकों को संबंधित मेजर सब्जेक्ट्स की कक्षाएं सौंप रहा है।
दावा तो यह किया जा रहा है कि कई बार मेडिकल सब्जेक्ट्स की कक्षा का जिम्मा आर्ट्स के शिक्षक के हवाले कर दिया जाता है। नतीजतन विद्यार्थियों को भी विषय की सही जानकारी शिक्षकों के माध्यम से नहीं मिल पा रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग के इस सरकारी विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को लेकर रोष भी जताया। चंडी स्कूल में पिछले कई वर्षों से शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों के पद काफी समय से रिक्त पड़े हैं।
खाली चल रहे इन पदों को भरने के लिए पंचायत स्तर और स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से विभाग को कई बार आग्रह किया जा चुका है। इसके बावजूद भी रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा है। विद्यालय में वर्तमान में लगभग 400 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कार्यालय लिपिक के कनिष्ठ और वरिष्ठ सहायक के पद भी रिक्त पड़े हैं। इस कारण स्कूल फीस, पत्राचार तथा अन्य वित्तीय गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
विभाग को दी है जानकारी
उच्च शिक्षा उपनिदेशक सोलन जीवन शर्मा ने कहा कि स्टाफ की कमी की सूचना समय समय पर सरकार और विभाग को भेजी जाती रहती है। चंडी स्कूल में शिक्षकों की कमी उनके संज्ञान में है। इसे भरने के लिए हर संभव प्रयास
किए जाएंगे।
खानापूर्ति कर रहा स्कूल प्रबंधन
एसएमसी प्रधान देवेंद्र डोगरा, पूर्व प्रधान बलवंत ठाकुर, राम प्रकाश शर्मा, जयपाल ठाकुर, कांता देवी और सुरेंद्र कुमार ने कहा कि अन्य विषयों के शिक्षकों की सेवाएं लेकर खानापूर्ति की जा रही है। स्कूल के कार्यकारी प्रधानाचार्य कुलदीप कुमार ने बताया कि छात्रों की पढ़ाई को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए अन्य विषयों के अध्यापकों को लगाया है। लेकिन विद्यालय में हर विषय के प्रवक्ता का होना अनिवार्य है, ताकि विद्यार्थियों को उनके हर विषय के संबंध में शिक्षक स्वतंत्र रूप से पढ़ाई करवा सके।
अन्य स्कूलों में जा रहे स्टूडेंट्स
विद्यालय में मेडिकल, नॉन मेडिकल तथा कामर्स विषय में प्रवेश की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। विद्यालय में अध्यापकों की कमी के चलते विद्यार्थी अन्य स्कूलों का रुख करने को मजबूर हैं। दून कांग्रेस ब्लॉक महामंत्री बलवंत ठाकुर ने बताया कि खाली चल रहे पदों को भरने के लिए शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल विधायक चौधरी राम कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।