बारिश न होने से इस बार मटर की नहीं हो सकी अच्छी फसल
मटर पैदावार कम होने से अब दाम के बढ़ने की भी है संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सब्जी मंडी सोलन में पहाड़ी मटर की आवक बढ़ना शुरू हो गई है। इससे किसानों को 50 रुपये प्रति किलो तक दाम मिल रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में मटर का दाम और बढ़ सकता है। सर्दियों के दिनों में पंजाब-हरियाणा का मटर सोलन मंडी में पहुंचता है। लेकिन पहाड़ी मटर देसी मटर की अपेक्षा गुणवत्ता में काफी बेहतर माना जाता है। बाहरी राज्यों से मटर की खेप आना भी बंद हो गया है।
सोलन, शिमला व सिरमौर में होने वाले मटर की अधिकतर सप्लाई दिल्ली, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में जाती है। इन राज्यों में पहाड़ी मटर को काफी अधिक पसंद भी किया जाता है। स्थानीय मटर के पहुंचने से बाहरी राज्यों का मटर आवक भी कम हो गई है। जानकारी के अनुसार जिले में किसानों की ओर से इस वर्ष करीब चार हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मटर लगाया गया है। इसका मुख्य कारण समय पर बारिश न होना रहा है। वहीं मटर की फसल भी ज्यादा अच्छी नहीं है। इससे किसानों को उम्मीद है, कि उनकी फसल का सही दाम मंडी में मिलेगा।
उधर, सब्जी मंडी सोलन के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा का कहना है कि लोकल मटर का सही दाम मिलने की उम्मीद है। इन दिनों स्थानीय मटर की खेप भी बढ़ गई है। जबकि अन्य राज्यों से मटर आना बंद हो गया है। सोलन सब्जी मंडी में प्रत्येक वर्ष करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक मटर का व्यापार होता है। अब लोकल मटर आना शुरू हो चुका है। इसके किसानों को उचित दाम मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में दामों में और बढ़ोतरी की भी उम्मीद है।