संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। गुरमत प्रचार ट्रस्ट जगातखाना की ओर से गुरद्वारा साहिब में अमृत बेले का समागम आयोजित किया। इस दौरान रागी जत्थे व कीर्तनी जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। हजूरी रागी दरबार साहिब भाई केवल सिंह ने धन धन रामदास गुरू, बंबीहा अमृत वेले बोलियां शबद कीर्तन कर संगत को भाव विभोर कर दिया। ज्ञानी सुखविंद्र सिंह थली ने कहा कि गुरु अपने सिंघ को दिया हुआ वचन हमेशा पूरा करते हैं। गुरु अर्जन देव जी ने अपने सिंघ को कहा था की एक दिन मैं आपके घर आकर दर्शन दूंगा। उक्त सिंघ को जब पता चला की गुरु जी को दिल्ली में शहीद कर दिया गया है। तो वह निराश हुआ की गुरु जी ने मुझे वादा दिया था दर्शन देने का। लेकिन भाई जेता जी गुरु जी का कटा हुआ सिर लेकर उक्त सिंघ के घर पहुंचे और उसे दर्शन करवाए। उन्होंने कहा कि जो कोई गुरु जी के बताए हुए मार्ग पर चलता है उसे इसके बाद दोपहर का समागम जोघों में किया गया।