क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहा एंबुलेंस का लाभ
क्षेत्रीय अस्पताल में आईजीएमसी के लिए अक्सर रेफर कर रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। केंद्र सरकार की ओर से जिले में कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए भेजी गई एंबुलेंस अब वीआईपी ड्यूटी में इस्तेमाल हो रही है। ऐसे में आपात स्थिति में मरीजों को अन्य एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में आने वाले कैंसर मरीज भी इस एंबुलेंस का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
कैंसर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने या वहां से घर ले जाने के लिए तीमारदारों को 108 सेवा की अन्य एंबुलेंस पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वहीं, यह एंबुलेंस मुख्यमंत्री, राज्यपाल सहित अन्य वीआईपी की ड्यूटी में नजर आती है।
सूत्रों के अनुसार, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से कैंसर के कई मरीजों को अक्सर आईजीएमसी शिमला रेफर किया जाता है। इस एंबुलेंस को जिलेभर के मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया गया था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से वीआईपी ड्यूटी के लिए हो रहा है। एंबुलेंस में कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर, बीपी मापने की मशीन और आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाली दवाएं उपलब्ध हैं।
इनसेट
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कैंसर मरीजों के लिए उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस का इस्तेमाल कम होता था। लंबे समय तक खड़े रहने से इसके खराब होने की आशंका थी। वहीं, वीआईपी ड्यूटी के लिए दूसरी एंबुलेंस भेजने से अन्य मरीजों को परेशानी होती थी। इसी कारण अब इस एंबुलेंस का इस्तेमाल वीआईपी ड्यूटी में किया जा रहा है।
कोट
एंबुलेंस कई दिनों तक बिना इस्तेमाल के खड़ी रहती है, जिससे इसके रखरखाव में परेशानी होती है और खराब होने का डर भी बना रहता है। पहले भी यह कई महीनों तक खड़ी रही थी। इसलिए अन्य एंबुलेंस के बजाय इसे वीआईपी ड्यूटी पर भेजा जा रहा है। हालांकि, इसका इस्तेमाल मरीजों के लिए भी किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि एंबुलेंस खराब न हो और उसका नियमित इस्तेमाल होता रहे। - डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन