रामशहर में शिव महापुराण कथा के दौरान मौजूद लोग। संवाद
- फोटो : मिहींपुरवा के नवीन गल्लामंडी परिसर में सामूहिक विवाह में मौजूद युगल।
संवाद न्यूज एजेंसी
रामशहर (सोलन)। रामशहर के प्राचीन शिव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा का यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन कथा व्यास आचार्य नरेंद्र भारद्वाज ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की कथा सुनाई। आचार्य ने बताया कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और किसी एक ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से भगवान शिव की निश्चल भक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि भारत के हर कण में शिव के दर्शन होते हैं, इसलिए सभी को नियमित रूप से शिव की पूजा, अर्चना और पाठ करते रहना चाहिए। आचार्य ने यह भी कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से चार धाम की यात्रा पूर्ण और सफल हो जाती है। जो व्यक्ति पूरे साल में एक बार भी शिव पूजा नहीं कर पाता, उसे महाशिवरात्रि पर चार पहर की पूजा करने का विशेष महत्व है, क्योंकि इससे अनंत फल की प्राप्ति होती है।