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खराब टमाटर की जांच के लिए खेतों में पहुंचे वैज्ञानिक

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सोलन (सोलन)। सब्जियों के घटिया बीज मामले में भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सोलन दौरे के दौरान कड़ी आपत्ति दर्ज करने और इसकी विजिलेंस जांच की मांग के बाद कृषि विभाग भी हरकत में आ गया है। इसके बाद विभाग ने नौणी विवि को इसकी जांच करने के लिए लिखा। विभाग के अधिकारी और विवि वैज्ञानिकों की टीम ने बुधवार को किसानों के खेतों का दौरा किया और खराब टमाटर की फसल के सैंपल लिए। उन्होंने किसानों से भी बातचीत की। इसके अलावा कंपनी के बीज का सैंपल भी लिया।
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जिला के अधिकतर किसानों की आय का मुख्य साधन टमाटर की फसल ही है जिससे उनकी वर्ष भर की रोजी-रोटी चलती है। इस बार अधिकतर किसानों ने रॉक स्टार कंपनी का टमाटर बीज लगाया था जो किसानों को धोखा दे गया। फसल में मिस शेप टमाटर लग रहे हैं। टमाटर के सिरे पर कैट फेस का निशान भी है जिसे मंडी में कोई भी खरीदने को तैयार नहीं। किसानों को टमाटर फेंकने पड़ रहे हैं और फसलें उखाड़ रहे हैं। आधे से अधिक फसल में यही समस्या है और किसानों के खेत बर्बाद हो गए हैं। किसानों ने बीज निर्माता कंपनी को भी इसके मुआवजे के भुगतान के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।
जिले के कंडाघाट के आसपास के क्षेत्रों चौड़ा, कशावला, चायल, सोलन के समीप चिल्ला, मझगांव, बसाल सहित अन्य क्षेत्रों में किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। हालांकि कृषि विभाग को अभी तक किसी भी किसान ने इसकी शिकायत नहीं दी है लेकिन विभाग ने अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने और किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान देने के बाद जांच शुरू कर दी है। कृषि विभाग ने नौणी विवि के डायरेक्टर रिसर्च को पत्र लिखकर जांच करने के लिए कहा है। विवि के दो वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी खेतों में निरीक्षण करने पहुंचे।
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ये रहे टीम में शामिल
टमाटर की फसल खराब होने को लेकर जांच के लिए टीम गठित की गई है। इसमें नौणी विवि के वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र मेहता और डॉ. उदय शर्मा शामिल हैं। कृषि विभाग सोलन खंड के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. एचएल आजाद और खंड तकनीकी प्रबंधक संजय भी मौजूद रहे। इस दौरान बसाल की प्रधान रिचा ठाकुर और उप प्रधान किरण किशोर ने वैज्ञानिकों की टीम को खराब फसलों की जानकारी दी। डॉ. एचएल आजाद ने बताया कि रॉक स्टार टमाटर की फसलें 50 फीसदी से अधिक खराब हुई हैं। इसके सैंपल एकत्र किए हैं जिसकी रिपोर्ट जल्द ही सरकार को भेजी जाएगी।
जिनकी फसलें हुई खराब, विभाग को दें जानकारी : डॉ. कौशिक
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. राजेश कौशिक ने बताया कि किसानों ने खराब हुई टमाटर की फसलों की कोई जानकारी विभाग को नहीं दी है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि जिनकी फसलें खराब हुई हैं, वे विभाग को जानकारी दें। विभाग ने विवि के डायरेक्टर रिसर्च से जांच के लिए आग्रह किया था। इसके बाद बुधवार को गठित टीम ने विभिन्न प्रभावित गावों का दौरा कर सैंपल एकत्र किए। इसके अलावा मार्केट से बीज के सैंपल भी एकत्र किए हैं। इस बीज के दो लॉट (करीब 36 किलोग्राम बीज) मार्केट में आए थे जिसे किसानों ने लगाया है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद सरकार को भेजी जाएगी।
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