प्लासड़ा, महादेव और माजरा के उद्योगों से फैल रहे प्रदूषण से लोग परेशान
राज्य और केंद्र सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ क्षेत्र में स्थित उद्योगों से लगातार फैल रहे प्रदूषण के विरोध में विभिन्न सामाजिक, पर्यावरण संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने नालागढ़ बाजार में रैली निकाली और एसडीएम के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपा। क्षेत्र के प्लासड़ा, महादेव और माजरा क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से परेशान हैं।
लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में हिम परिवेश संस्था, किनविन संघर्ष समिति, हंडूर पर्यावरण संस्था, जन चेतना समिति महादेव, माजरा संघर्ष समिति और महिला मंडल निक्कोवाल के पदाधिकारी एकत्रित हुए। इस दौरान विधायक हरदीप बावा, पूर्व विधायक लखविंदर राणा, पूर्व विधायक केएल ठाकुर, समाजसेवी हरप्रीत सैनी, ज्ञान ठाकुर, सरवन चंदेल, जिला परिषद इंदु वेद व योगेश्वर राणा समेत कई पंचायतों के प्रधान और अन्य लोग मौजूद रहे। विश्राम गृह से जुलूस की शक्ल में शुरू प्रदर्शन नालागढ़ बाजार से होता हुआ एसडीएम कार्यालय परिसर पहुंचा। एसडीएम कार्यालय परिसर में स्थानीय विधायक हरदीप बावा ने कहा कि माजरा स्थित शिवालिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की लीज 19 जनवरी को समाप्त हो रही है। इस प्लांट में करीब 2,654 उद्योगों का कचरा डाला जाता है। आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी भी कीमत पर इस प्लांट की लीज को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
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500 उद्योग सीधे नालों में बहा रहे केमिकल
हिमालयन नीति अभियान के राष्ट्रीय संयोजक गुमान सिंह ने स्पष्ट किया कि संगठन उद्योगीकरण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन मानव जीवन के लिए खतरा बनने वाले उद्योगों का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) में करीब 500 उद्योग ऐसे हैं जो रासायनिक कचरा सीधे नालों में बहा रहे हैं।
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नदियों में घुल रहा जहर, बीमारियों से मौत का आरोप
पंजाब से आए पर्यावरण प्रेमी हरकीरत सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि बीबीएन की फैक्ट्रियां अपना कचरा बालद, सरसा और चिकनी खड्डों में डाल रही हैं। यह पानी आगे जाकर सतलुज नदी में मिलता है। इससे पंजाब समेत अन्य राज्यों की बड़ी आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर है। माजरा संघर्ष समिति की प्रतिनिधि रीतू ने आरोप लगाया कि शिवालिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के प्रदूषण से लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। पिछले एक महीने में एक दंपत्ति और एक 22 वर्षीय युवक समेत चार लोगों की जान जा चुकी है।
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प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम नरेंद्र आहलुवालिया के माध्यम से राज्य और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और ज्ञापन को प्राथमिकता के आधार पर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।