किसान सभा देवठी की बैठक में जंगली जानवरों से फसलों को पहुंच रहे नुकसान का मुद्दा गूंजा रहा। बैठक में बंदरों को मारने की इजाजत देने की मांग केंद्र सरकार से की गई। वक्ताओं ने कहा कि सभा जंगली जानवरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए संघर्षरत है। कई बार केंद्र, राज्य सरकार और प्रशासन को ज्ञापन, धरने तथा रैलियों के माध्यम से इस समस्या से अवगत करवाया जा चुका है लेकिन सरकारें अभी तक किसानों की फसलों को बचाने में नाकामयाब रही हैं।
सोलन जिला में भारी फसलों की पैदावार तबाह हो रही है। बैठक जिला सचिव प्यारे लाल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई। इस दौरान सामूहिक फैसला लिया गया कि यदि 30 मई तक प्रशासन ने खेतों को जंगली जानवरों के कहर से बचाने के लिए कोई कवायद नहीं छेड़ी तो जिला मुख्यालय पर रैली और धरना प्रदर्शन करके प्रशासन तथा सरकार को मजबूर किया जाएगा।
बैठक में डांगरी, तोप की बेड, देवठी, चामत भड़ेच, देलगी पंचायतों के किसानों ने भाग लिया। हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तनवर इस मौके पर विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने जंगली जानवरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए विचार रखे। कहा कि हिमाचल में इसे लेकर आंदोलन लगातार जारी है। इसमें किसानों को जागरूक करने सभा किसानों के घर-घर जाएगी। इस मौके पर लता वर्मा, कांता, बीना, अमित, सीता, गीता, उमा, पूनम, आशा, मनमोहन, बहादुर सिंह, अशोक, हरिदत्त, भूपेंद्र, धनीराम तथा अन्य मौजूद रहे।