अमर उजाला इंपैक्ट
सीसीटीवी, जीपीएस समेत स्कूल बसों के दस्तावेज नहीं थे पूरे
उपायुक्त के आदेशों के बाद आरटीओ बद्दी ने की कार्रवाई शुरू
वीरवार को टीम ने बद्दी में कुल 112 बसों की जांच की
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी/सोलन। जिले में नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रही निजी स्कूलों की बसों परकार्रवाई शुरू हो गई है। जिसमें स्कूल की बसें और अन्य छोटे वाहन बिना स्पीड गवर्नर के दौड़ रहे हैं। छोटी स्कूल बसों में जीपीएस और सीसीटीवी भी नहीं लगे हैं। यहीं नहीं स्कूल प्रबंधकों की ओर से हायर की गई गाड़ियां भी बिना पीले रंग की चल रही है। जिसमें स्कूल का नाम भी अंकित नहीं किया गया है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद उपायुक्त सोलन के निर्देशों के बाद अब बीबीएन से ऐसे स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। जिसमें दो दिनों में विभाग ने 75 बसों के चालान काटे हैं। जबकि 8 बसों को सीज कर लिया है। वहीं अब यह कार्रवाई जिला मुख्यालय में भी शुरू हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में उपमंडल प्रशासन व क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नालागढ़ की संयुक्त टीम ने वीरवार को निजी स्कूलों की बसों पर शिकंजा कसा और 112 निजी स्कूलों की बसों की जांच की। जिसमें 48 बसों में खामियां पाए जाने पर उनके चालान काटे, विभाग ने यह कार्रवाई प्रदेश सरकार की ओर से बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल व्हीकल कंडीशन 12 नवंबर 2018 को जारी की गई अधिसूचना के तहत की है। कार्यवाहक एसडीएम निशा आजाद सिंह, आरटीओ मदन शर्मा, सीनियर असिस्टेंट कृष्ण लाल चौहान की अगुवाई वाली टीम ने बीबीएन में विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण किया और कार्रवाई अंजाम लाई है।
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सुरक्षा के तहत कार्रवाई
कार्यवाहक एसडीएम निशा आजाद सिंह व आरटीओ नालागढ़ मदन शर्मा की टीम ने बीबीएन में 112 निजी स्कूलों की जांच की, जिनमें 48 के चालान काटे गए, जिसमें बसों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस पैनिक बटन, हेल्पलाइन नंबर, बस के दोनों ओर नाम, आगे और पीछे स्कूल बस लिखा होना आदि दस्तावेज पूर्ण नहीं थे।
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आरटीओ नालागढ़ मदन शर्मा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल व्हीकल कंडीशन के तहत निजी स्कूलों की बसों की जांच की जा रही है। वहीं वीरवार को जांच के दौरान एक दूसरे राज्य की बस बिना टैक्स अदा किए चल रही थी। जिस पर भी कार्रवाई करते हुए 48000 टैक्स भी वसूला है।
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50 फीसदी स्कूलों में ट्रांसपोर्ट सुविधा
जिले में शिक्षा हब सोलन के 50 फीसदी छोटे-बड़े निजी स्कूल प्रबंधन बच्चों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा दे रहे हैं। 345 स्कूलों में करीब 137 छोटी बड़ी गाड़ियां पंजीकृत हैं। स्कूल खुलने के बाद प्रबंधकों को अपनी बसें चलाने से पहले इसकी पासिंग करवानी पड़ती है। पासिंग और फिटनेस सर्टिफिकेट के बाद ही निजी स्कूलों को बस चलाने की अनुमति परिवहन विभाग की ओर से दी जाती है।
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ये है नियम
-बस में सीसीटीवी कैमरा लगा होना चाहिए
-बस में स्पीड गवर्नर लगाया जाए।
-स्कूल बस में जीपीएस लगा होना चाहिए।
-बस चालक, परिचालक वर्दी में ड्यूटी पर होने चाहिए।
-बस चालक के पास पांच साल पुराना हैवी लाइसेंस होना चाहिए।
-बस पर स्कूल बस लिखा होना चाहिए।
-स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए।
-स्कूल बस पर स्कूल का नाम होना चाहिए।
-फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र लगाया जाए।
-स्कूल बसों में आपातकालीन द्वार होना चाहिए।
-स्कूल बस का परमिट, लाइसेंस, पंजीकरण सही होना चाहिए।