अगस्त 2022 को नालागढ़ कोर्ट के बाहर विचाराधीन कैदी पर बरसाई थीं गोलियां
जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज गुप्ता की अदालत ने सुनाई आरोपी को सजा
आर्म्स एक्ट में भी सात साल का कठोर कारावास, 50 हजार रुपये किया जुर्माना भी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला(सोलन)। नालागढ़ कोर्ट परिसर के बाहर विचाराधीन कैदी पर जानलेवा फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी परगट सिंह को अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज गुप्ता की अदालत ने बुधवार को आरोपी को आईपीसी की धारा 307 के तहत 10 साल की सजा और 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं, आर्म्स एक्ट की धारा 27 में 7 साल का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया। उप जिला न्यायवादी संदीप शर्मा ने मामले की पैरवी की।
उन्होंने बताया कि 29 अगस्त 2022 को पुलिस टीम विचाराधीन कैदी अजय उर्फ सन्नी को नालागढ़ कोर्ट में पेशी के बाद वापस ले जा रही थी। दोपहर करीब 12 बजे कोर्ट परिसर के बाहर परगट सिंह अपने साथियों के साथ पहुंचा और अजय को जान से मारने की नीयत से गोलियां चला दीं। फायरिंग के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर बद्दी की तरफ भाग निकले। पुलिस से बचने के लिए जंगल और झाड़ियों में छिप गए।
घटना के बाद थाना नालागढ़ में एफआईआर दर्ज की गई। जांच में नालागढ़ पुलिस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य पुख्ता साक्ष्य अदालत में पेश किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने परगट सिंह को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई। उप जिला न्यायवादी संदीप शर्मा ने कहा कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर अदालत ने दोषी को कठोर दंड दिया है।