उप चुनाव के लिए व्यय पर्यवेक्षक ने बैठक के दौरान लिया कड़ा संज्ञान
नालागढ़ में उप चुनाव को लेकर रखी गई थी व्यय निगरानी टीम की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। चुनावी व्यय निगरानी टीम की पहली बैठक में अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। व्यय पर्यवेक्षक एन कार्तिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित प्रतिनिधियों को नोटिस जारी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने चुनावी व्यय रजिस्टर में विसंगतियां पाए जाने पर भी संबंधित उम्मीदवारों को निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी कर इन्हें निर्धारित समयावधि में दूर करने को कहा।
जानकारी के अनुसार नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त व्यय पर्यवेक्षक एन कार्तिक ने उपमंडलाधिकारी कार्यालय में चुनावी व्यय निगरानी टीम की पहली बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करने में इससे जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की ओर से उप-चुनावों में व्यय की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपए रखी गई है। उन्होंने चुनावी व्यय निगरानी से जुडे सभी निगरानी एवं लेखा दलों को निर्देश दिए कि वे चुनाव खर्च पर कड़ी निगरानी रखें और संबंधित उम्मीदवार के फोल्डर में इसकी प्रविष्टि सुनिश्चित करें। उन्होंने नोडल अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे मतदाताओं को दिए जाने वाले प्रलोभनों पर भी कड़ी नजर रखें। साथ ही निर्धारित सीमा से अधिक नकदी निकासी अथवा इसे साथ ले जाने पर आवश्यक दस्तावेज अवश्य जांच लें। उन्होंने उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों तथा राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि उप-चुनाव के दौरान व्यय में पारदर्शिता अपनाएं।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, निर्वाचन अधिकारी एवं उपमंडलाधिकारी दिव्यांशु सिंगल, डीएसपी भीष्म ठाकुर, तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान, राष्ट्रीय भारतीय कांग्रेस के अब्दुल मतीन खान, भारतीय जनता पार्टी रविंद्र ठाकुर, आजाद उम्मीदवार के प्रतिनिधि राकेश सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।