अस्पताल का 70 फीसदी कार्य पूरा, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने किया निरीक्षण
निर्माण कार्य पर खर्च किए जा रहे 200 करोड़ रुपये, जून तक कार्य पूरा करने का रखा है लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर के साथ लगते कथेड़ में निर्माणाधीन अत्याधुनिक बहुउद्देशीय क्षेत्रीय अस्पताल में अलग से मातृ एवं शिशु विंग तैयार होगा। इससे प्रसूति महिलाओं को किसी भी प्रकार की दिक्कतें नहीं आएगी। विंग में न केवल अत्याधुनिक मशीनों को लगवाया जाएगा। वहीं, प्रसूति कक्ष भी बनाया जाएगा। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने निर्माणाधीन अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल, तृतीय स्तरीय ट्रॉमा सेंटर तथा मातृ एवं शिशु अस्पताल विंग के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस अस्पताल का का 70 फीसदी निर्माण कार्य पूरा कर दिया है, जबकि 30 फीसदी कार्य को पूरा करने के लिए ठेकेदार को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही तेजी से कार्य करने के लिए भी कहा है। निर्माणाधीन भवन का कार्य पूरा करने का भी जून का लक्ष्य रखा है, ताकि मरीजों को अस्पताल में जल्द सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 200 बिस्तर वाले इस बहुउद्देशीय अस्पताल में अत्याधुनिक बहुविशेषज्ञ सुविधाओं के साथ साथ क्रिटिकल केयर सेंटर भी निर्मित किया जा रहा है। इस अस्पताल में रोगियों को तृतीय स्तरीय ट्रॉमा सेंटर की सुविधा भी मिलेगी। बहुद्देशीय अस्पताल के निर्माण पर लगभग 200 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल क्षेत्र की लाइफ लाइन बनेगा। इस मौके पर नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. गोपाल बैरी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवर, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुमित सूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका, खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अजय सिंह, डॉ. संदीप जेन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बहुद्देशीय अस्पताल के निर्माण के लिए नहीं आने दी जाएगी पैसे की कमी
स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि निर्माणाधीन बहुद्देशीय अस्पताल के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उचित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों में बेहता चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं,ताकि लोगों को उनके घर-द्वार पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलें। इसके बाद क्षेत्रीय अस्पताल में भी निरीक्षण किया और चिकित्सा अधीक्षक को व्यवस्थाओं को ओर बेहतर बनाने के लिए कहा है।