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बैंकों की हड़ताल से हर वर्ग बेहाल

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सोलन/नालागढ़/बद्दी (सोलन)। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से हर वर्ग बेहाल रहा। आम लोग से लेकर उद्योग पति हर किसी को दिक्कत झेलनी पड़ी। हड़ताल के पहले दिन जिले की अर्थ व्यवस्था भी प्रभावित हुई। प्रदेश में सर्वाधिक औद्योगिक इकाईयों वाले जिला सोलन में ही बैंकों की हड़ताल के पहले दिन सोमवार को करीब 200 करोड़ का कामकाज प्रभावित होने का अनुमान है। अकेले बीबीएन से ही 100 करोड़ के व्यवसाय पर असर पड़ने का अनुमान लगाया गया है।
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बीबीएन सहित जिला सोलन में चार हजार से औद्योगिक इकाईयां हैं। ट्रक यूनियन नालागढ़ के 7500 ट्रकों सहित जिला भर में करीब 25 हजार आपरेटरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है।

एटीएम भी हो गए खाली
सोलन। सोलन समेत जिले के अन्य इलाकों में एटीएम भी जवाब दे गए। कैश खत्म होने से लोगों को परेशान उठानी पड़ी। ज्यादातर एटीएम में आउट आफ आर्डर का फट्टा लगाया मिला। तो कुछ ने कैश खत्म होने का बोर्ड लगा दिया। एटीएम पर जाकर लोगों को निराश लौटना पड़ा। यहां तक की कई बैंकों के एटीएम बंद रहे। सोलन माल रोड में कैश निकासी को पहुंचे अरविंद परमा, मनोज गुप्ता, दीपक चतुर्वेदी और दीवान चंद ने बताया कि सोलन पीएनबी, स्टेट बैंक और यूको बैंक का एटीएम बंद रहा। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी परेशानी
सोलन। जिले के वकानाघाट, कंडाघाट, साधुपुल, गौड़ा, चायल, जनेडघाट, कसौली, अर्की, कुनिहार आदि क्षेत्रों में भी बैंक हड़ताल के चलते लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। ग्राम पंचायत झाजा से रामप्रकाश, बांजनी से प्रेम कुमार, स्कोडी से राजेश कुमार, दंघीर से रमेश कुमार, नगाली पंचायत के अनिल कुमार, हिन्नर पंचायत के चंद्र सिंह, चायल पंचायत के रमेश कुमार और प्रेम सिंह ने बताया कि वह पीएनबी शाखा में पहुंचे थे, लेकिन बैंक बंद होने से वापिस लौटना पड़ा।

जगह-जगह गरजे बैंक कर्मचारी
सोलन। हड़ताल के पहले पहले दिन जिले भर में बैंक कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला इंप्लाइज यूनियन के एजीएस तिलक राज शर्मा, आल इंडिया पीएनबी ऑफिसर एसोसिएशन शिमला जोन के सचिव रामशरण ठाकुर, एग्जीक्यूटिव मेंबर हरिराम धीमान ने कहा कि अभी यह हड़ताल सांकेतिक है। यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। इस दौरान पीएनबी के एचआर दरदी, कुलविंद्र कौर, सुषमा, शालू, हिमांशु पुंडीर, आशीष लाल, राजेश सिंगला, एसबीओपी के अभिनव बंसल, विजय, गुरदीप धीमान, यूसुफ राजू, केसी पनफेर, प्रवीण राणा आदि मौजूद रहे।


इलाज को नहीं भेज सके पैसे
नालागढ़ (सोलन)। किसी को परिजनों के इलाज के लिए पैसा भेजना था, तो किसी को घर खर्च। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से कामगारों को बहुत परेशानी उठानी पड़ी। बैंकों की हड़ताल से अनजान लोग सोमवार सुबह ही बैंकों पर पहुंचे, लेकिन बैंकों पर ताले जड़े देख वह हताश हो गए। पूछने पर हड़ताल का पता चला तो मायूस होकर लौट गए। अब उन्हें बुधवार का इंतजार करना पड़ेगा। हड़ताल मंगलवार को भी जारी रहेगी। ऐसे में लोगों की मुश्किल कम नहीं हुई है।
यूपी निवासी अमर सिंह और बिहार निवासी शंभू को अपनी अस्पताल में उपचाराधीन पत्नी के लिए पैसे भेजने थे, लेकिन नहीं भेज सके। मित्तियां निवासी आराधना अपने बच्चों की फीस के लिए बैंक में पैसे जमा कराने आई थी। जबकि सेना में कार्यरत खेड़ा निवासी विक्रम सिंह ने बैंक में अपना खाता खुलवाना था, उन्हें ड्यूटी पर वापिस लौटना है। गोरखपुर निवासी बिंदुपाल, बिलासपुर निवासी सुनील कुमार, उद्योग में कार्यरत कविता आदि भी अपने घरों को पैसे नहीं भेज सके। भांगला निवासी सुभाष शर्मा शादी के लिए सामान खरीदने को पैसे नहीं निकाल सके, वहीं छपरा निवासी कविता और बिहार निवासी श्रीनिवास अपने घरों पर शादी के लिए पैसे ने भिजवा सके। राजकुमार ने बताया कि उन्हें अपनी गाड़ी की किश्त जमा करवाने के लिए बैंक से पैसे नहीं निकालने थे। वहीं प्रीथी उद्योग के प्रबंधक अंकित वर्मा को पेमेंट करनी थी और बैंक से पैसे वह निकाल नहीं सके।

सिंगल फोटो
बीबीएन उद्योग संघ के अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया ने कहा कि बैंक बंद रहने के चलते उद्योगपतियों को भारी दिक्कत उठान पड़ी है। कई जरूरी लेन-देन हड़ताल के चलते नहीं हो गए। खासकर चैक क्लीयर नहीं होने से कारोबार प्रभावित हुआ है।

ट्रक यूनियन नालागढ़ के महासचिव चौधरी विद्या रतन ने कहा कि बैंक बंद रहने से सबसे ज्यादा प्रभावित ट्रांसपोर्टर हो रहा है। गाड़ी भिजवाने या बाहर गई गाड़ी के लिए पैसों का लेनदेन नहीं हो पाया। ट्रांसपोर्टर को परेशानी से जूझना पड़ा है।
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