धर्मपुर (सोलन) सीमेंट की मजबूत परत और पक्की ईंट से बनीं दुकानों में कारोबार कर रहे धर्मपुर के करीब सौ दुकानदार सड़क पर आ गए हैं। विकास की बलि चढ़ी इनकी दुकानें कचरे के ढेर में बदल गई हैं।
राजनेताओं ने आश्वासन देकर इन्हें खाली हाथ लौटा दिया है। चंडीगढ़-शिमला मार्ग पर सफर करने वाले मुसाफिर धर्मपुर को पहचानते थे। यहां बेहतर खान-पान की सुविधा के साथ-साथ एक कस्बा विकसित हो रहा था। पर्यटकों के वाहनों ने पहले ढाबों को जन्म दिया, उसके बाद छोटी-छोटी दुकानें खुल गईं। देखते-देखते कुछ ही सालों में धर्मपुर काफी बड़े बाजार में तबदील हो गया और आसपास की कई पंचायतों के लोग खरीदारी करने के लिए यहां पहुंचने शुरू हो गए। लेकिन, अचानक से फोरलेन की घोषणा और उसके बाद अवैध करार देकर दुकानों को तोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। इसमें मालिकाना हक रखने वालों को तो मुआवजा मिला, लेकिन जो लोग कब्जाधारक थे, उन्हें सामान समेटने तक का अवसर नहीं दिया गया। अब हालात यह है कि धर्मपुर का सारा बाजार मलबे में तबदील हो चुका है। उजाड़ हो चुके बाजार में अब वाहनों की ब्रेक कम ही लगती है। बाजार उजड़ने से बेरोजगार हुए इन सभी सौ कारोबारियों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों के आगे हाथ फैलाकर उन्हें दूसरी जगह बसाने की गुहार लगाई। लेकिन, राजनेताओं ने उनकी बात नहीं सुनी। धर्मपुर बाजार उजड़ने का असर इस बार विधानसभा चुनाव में भी साफ देखने को मिलेगा। यह मामला सिर्फ सौ कारोबारियों का नहीं है बल्कि इनके परिवार और दूसरे ऐसे परिवार जो बाजार पर निर्भर थे हर एक चीज के लिए मोहताज हो गए हैं। पर्यटकों को चंडीगढ़ से शिमला के बीच थकान मिटाने का दूसरा विकल्प भी नहीं मिल पाया है। पर्यटन और स्थानीय कारोबार दोनों ही इस उजाड़ से प्रभावित हुए हैं। इसका जवाब वे अब विधानसभा चुनाव में देंगे।
व्यापार मंडल अध्यक्ष रमेश गुप्ता का कहना है कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। फोरलेन की वजह से पूरा बाजार उजड़ गया है। जिससे लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। कारोबारी तो प्रभावित हुए ही हैं, साथ ही पर्यटक और आम लोग भी इस दंश को झेल रहे हैं। जो चीज पहले यहां सस्ते दामों पर मिल रही थी अब दूसरी जगह से महंगे दामों पर समय बर्बाद करके लानी पड़ रही है।
शॉपिंग मॉल का मिला था आश्वासन
धर्मपुर के कारोबारियों को राजनीतिक दलों के नेताओं ने आश्वासन दिया था कि धर्मपुर के पड़ाव पर एमईएस यार्ड से डिफेंस का कब्जा छुड़वाकर वहा पर शॉपिंग मॉल बनाएंगे। एमईएस यार्ड के कब्जे में लगभग तीन बीघा भूमि पर हिमाचल का मालिकाना हक है। लेकिन, कारोबारियों के लिए शॉपिंग मॉल बनने का सपना पूरा नहीं हो रहा है। इस विषय में कारोबारी पूर्व रक्षामंत्री मनोहर परिकर, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सांसद अनुराग ठाकुर, वीरेंद्र कश्यप व कसौली के विधायक डॉ. राजीव सहजल से मिले थे, लेकिन उसके बाद कोई भी प्रभावशाली कदम नहीं उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने दिया है आश्वासन : राहुल ठाकुर
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल ठाकुर का कहना है कि कांग्रेस हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने फोरलेन प्रभावितों को दूसरी जगह बसाने का आश्वासन दिया है। जिसे अमल में लाने के प्रयास किए जा रहे थे। लेकिन फिलहाल आचार संहिता लागू है जिस वजह से इस पर कोई भी कार्य चुनाव के बाद ही पूरे हो पाएंगे।
हरसंभव राहत देंगे : वीरेंद्र कश्यप
सांसद वीरेंद्र कश्यप का कहना है कि प्रदेश की सत्ता में भाजपा के काबिज होते ही सभी के हित सुरक्षित किए जाएंगे। जो भी कमियां कांग्रेस के कार्यकाल में छूट गई हैं उन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रभावित कारोबारियों को राहत देने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।