प्राइमरी स्कूल नेरी कलां में एक कमरे में लग रहीं पांच कक्षाएं
17 मार्च से ग्रामीण करेंगे आंदोलन शुरू, शिक्षा विभाग को दिया अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। पिछले करीब सात माह से प्राथमिक विद्यालय नेरी कलां के भवन की मरम्मत की राह देख रहे ग्रामीणों ने अब विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को एक माह का अल्टीमेटम दिया है। 11 मार्च से आंदोलन की चेतावनी दी है। यहां प्राथमिक स्कूल भवन की हालत ठीक न होने का कारण माध्यमिक स्कूल से लिए एक कमरे में ही कक्षाएं लग रही हैं। इसके अलावा कार्यालय, मिड डे मील और अन्य सामान के लिए यही कमरा प्रयोग हो रहा है। इससे सर्दी के मौसम में बच्चों को एक कमरे में पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है।
स्कूल की जर्जर हालत मेें नहीं किया सुधार
जिले के धर्मपुर शिक्षा खंड के तहत राप्रापा नेरी कलां के भवन के छत की स्थिति जर्जर हो चुकी है। 28 जुलाई 2018 को खंड शिक्षा अधिकारी धर्मपुर ने निरीक्षण किया था। स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए स्कूल की मरम्मत होने तक बच्चाों को रामापा नेरी कलां में शिफ्ट करने के आदेश दिए गए। इस पाठशाला के शीघ्र मरम्मत करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इसके लिए स्वीकृति तक नहीं मिल पाई है। इस कारण जुलाई से यहां एक कमरे में पांच कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
मिड-डे मील के लिए भी नहीं अन्य कोई कमरा
जिस कमरे में कक्षाएं लग रही हैं उसी कमरे में कार्यालय भी चल रहा है और मिड-डे-मील व अन्य स्टोर का सामान भी रहता है। अब स्कूल खुल चुके हैं और बच्चों को बारिश और सर्दी में एक ही कमरे में पढ़ाई के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस स्कूल की छत से प्लास्तर उखड़ रहा था, प्राथमिक स्कूल की कक्षाएं लगाने के लिए मिडल स्कूल में एक कमरा लिया है।
स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष घनश्याम अन्य सदस्यों लेखराज, अंजू, पप्पू राम, पूरन चंद, बलबीर, आशा राम, चिंतराम, लीलादत्त, चेतराम, सीताराम, सीसराम, नराता राम, मुलखराज व गुरमीत ने कहा कि पिछले छह महीने से पाठशाला की मरम्मत को लेकर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है। इसके कारण बच्चों का भविष्य भी दांव पर लग रहा है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग ने जल्द इस पर कोई कार्रवाई नहीं की तो एक माह के बाद 17 मार्च को वह आंदोलन शुरू कर देंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
शिक्षा खंड धर्मपुर के बीपीईओ देवीराम ने बताया कि स्कूल की छत से प्लास्टर उखड़ रहा था जो बच्चों पर गिरकर उन्हें घायल कर सकता था। इसके चलते प्राथमिक स्कूल की कक्षाएं लगाने के लिए मिडल स्कूल में एक कमरा लिया है। स्कूल की मरम्मत के लिए इसका एस्टिमेट तैयार कर आला अधिकारियों को भेजा था, लेकिन इसके लिए स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इसमें जमीन की जमाबंदी अटैच की गई थी।
मामला नहीं है संज्ञान में
उपनिदेशक एलिमेंट्री भागमल चौहान ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके ध्यान में नहीं है। वह इसका पता करेंगे। यदि जमीन स्कूल के नाम नहीं होगी और इसका ततीमा नहीं लगाया गया होगा तो स्वीकृति मिलना मुश्किल है। इसके लिए भूमि स्कूल के नाम होना जरूरी है।