सोलन। जिले में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया। प्रशासन को इस मसले को लेकर आपात बैठक भी बुलानी पड़ी है। बुधवार को डीसी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने डेंगू के प्रकोप तथा खतरे से निपटने के लिए जरूरी दिशानिर्देशों पर चर्चा की। मंथन के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खुलासा किया है कि अब तक जिले में 281 डेंगू के मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें सबसे अधिक परवाणू क्षेत्र के मामले हैं।
विभाग के मुताबिक सरकारी अस्पतालों इत्यादि में डेंगू के रोगियों का उपचार निशुल्क किया जा रहा है। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. आरके दरोच ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों को भी विभिन्न माध्यमों से जागरूक भी किया जा रहा है। डेंगू के परीक्षण के लिए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, इएसआई अस्पताल परवाणू तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालागढ़ में एलिसा परीक्षण निशुल्क किए जा रहे हैं। कहा कबाड़ की दुकान सहित सड़कों में पड़े गड्ढों में खड़े पानी से उत्तरदायी एडीस मच्छर पनपते हैं। आवासीय क्षेत्रों के आसपास पानी खड़े न होने देकर तथा जल भंडारण टैंकों को साफ रखकर इस मच्छर को पनपने से रोका जा सकता है। नगर परिषदों द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए नियमित रूप से फोगिंग की जा रही है। इस मौके पर उपायुक्त ने नगर परिषद परवाणू को निर्देश दिए कि परवाणू और आसपास के क्षेत्रों में डेंगू की रोकथाम के लिए समुचित उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
जल भंडारों का साफ करने के दिए निर्देश
उपायुक्त ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों तथा सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिए कि 15 दिसंबर तक अपने-अपने जल भंडारण टैंकों की सफाई सुनिश्चित करें। जिले की सभी नगर परिषदों तथा नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि इस समयावधि में सभी आवास मालिकों से भी जल भंडारण टैंकों की सफाई करवाएं। इसके अलावा सभी शिक्षण संस्थानशीतकालीन अवकाश की समाप्ति के बाद प्रथम सप्ताह में भी अपने जल भंडारण टैंकों को साफ करेंगे।
15 से 20 मिनट तक उबालकर पीएं पानी
जल जनित रोगों पीलिया, जठरांत्र शोथ (गैस्ट्रोएनटराईटिस), अतिसार तथा हैजा की रोकथाम के लिए जल की स्वच्छता आवश्यक है। इसके लिए पानी को कम से कम 15 से 20 मिनट तक उबालकर ही पीएं। ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं तथा सभी नगर परिषदों एवं नगर पंचायत को समुचित संख्या में क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध करवा दी हैं। सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस एवं दवाएं उपलब्ध हैं। इस मौके पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संदीप नेगी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी भानू गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन नेगी, जिला योजना अधिकारी सतीश अग्रवाल, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. चंद्रेशवर शर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिकित्सक, विभिन्न खंड चिकित्सा अधिकारी और अन्य मौजूद रहे।