नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में डेंगू ने पैर पसार लिए हैं और अस्पताल में एक नया मरीज डेंगू का पॉजीटिव पाया गया है। नालागढ़ अस्पताल में 27 मरीजों के एलीजा विधि से टेस्ट लिए गए थे। टेस्टों के आए परिणामों में उपमंडल के करीरडू़माजरा गांव के एक युवक में डेंगू पॉजीटिव पाया गया है।
अस्पताल में मरीजों के डेंगू के टेस्ट एलीजा विधि से होते है और एलीजा विधि से होने वाले टेस्ट में ब्लड के सैंपल लिए जाते हैं। इसमें ब्लड की रिपोर्ट पहले आ जाती है। प्लेटलेट्स कम पाए जाने पर मरीज का उपचार आरंभ कर दिया जाता है। मंडयारपुर की महिला रोगी में सबसे पहले डेंगू डिटेक्ट हुआ था, लेकिन अब क्षेत्र में डेंगू के और मरीज सामने आने लगे हैं। डेंगू के रोगियों की संख्या का आंकड़ा सात हो गया है। हालांकि जिला अस्पताल प्रशासन की स्पेशल टॉस्क फोर्स की 8 टीमों के 40 सदस्य लोगों में जागरूकता फैलाने में जुटे हुए हैं। वहीं उपमंडल प्रशासन द्वारा भी बीएमओ की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। लेकिन, डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. अनुज गुप्ता ने बताया कि डेंगू बीमारी अलग किस्म के मच्छरों के काटने से फैलती है। मच्छर खड़े साफ पानी में पनपते हैं, जो बाद में लोगों के शरीर को काटते हैं और उन्हें डेंगू बीमारी हो जाती है। यह मच्छर सुनहरे रंग का और धारीधार होता है। इसके काटने से डेंगू होता है। इसके लिए पानी एक जगह पर जमा नहीं होने देना चाहिए। बर्तनों को ढककर रखें और मच्छरदानियों का प्रयोग करें। पूरी बाजू वाले वस्त्र पहनने चाहिए। कूलर आदि में रखा पानी साफ करना चाहिए और डेंगू बीमारी आमतौर पर घर के आसपास पानी जमा होने से होती है।
बीएमओ नालागढ़ डॉ. केडी जस्सल ने कहा कि एलीजा विधि से हुए 27 लोगों की टेस्टों की रिपोर्ट आ गई है। इसमें एक युवक में डेंगू डिटेक्ट हुआ है।