बारिश से बढ़ी टमाटर के उम्दा कारोबार की उम्मीद
सोलन में किसानों के चेहरे पर छाई लाली, सूखे की मार झेल रही फसल को मिली संजीवनी
अमर उजाला ब्यूूरो
सोलन। मानसून से जहां मौसम खुशमिजाज हो गया, वहीं किसानों के चेहरों पर रौनक आना शुरू हो गई है। अब किसानों को खेतों में लगाई फसलें खराब होने की चिंता नहीं सताएगी। बारिश क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इन दिनों क्षेत्र के किसानों ने खरीफ की फसलें टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रासबीन सहित यूरोपियन फसलें उगा रखी हैं। इसके लिए बारिश के इंतजार में किसान लंबे अरसे से बैठे थे। सोलन में करीब एक अरब के टमाटर का कारोबार होता है। अधिकतर किसान लगाई गई फसलों के लिए बारिश पर निर्भर रहते हैं। हालांकि बहुत से किसान यूरोपियन फसलों का कारोबार भी करते हैं जिसके लिए लगातार बारिश होना नुकसानदायी रहता है। इससे पहले बारिश न होने से किसानों को सूखे की मार झेलनी पड़ रही थी। उनके खेतों की उपज खराब होने का भय सताने लगा था। अब हो रही बारिश से उनके उत्पादन के बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। साथ ही मंडी में अपनी फसलों की अच्छी कीमत के मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इससे पहले बारिश न होने से किसानों को अपनी उपज के कम दाम मिलने से किसानों में निराशा थी। यहां तक कि उन्हें भविष्य में फसलों के साथ जीवन-यापन की भी चिंता सताने लगी थी। बारिश से किसानों के चिंता की लकीरें मिट चुकी हैं।
उपनिदेशक कृषि विभाग सोलन राम नाथ ने बताया कि मौजूदा बारिश फसलों के लिए लाभदायक है। उन्होंने बताया की लगातार होने वाली यूरोपियन फसलों का जीवन कम कर सकती है।