सुबाथू (सोलन)। सैनिक क्षेत्र सुबाथू, कसौली और डगशाई सहित ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों की प्यास बुझाने वाली गंबर खड्ड सूखने से आईपीएच की पेयजल योजनाएं प्रभावित होने लगी हैं। बरसात न होने से प्राकृतिक जलस्रोत और नदियां सूख रही हैं। इस कारण आईपीएच रोजाना पेयजल सप्लाई देने में नाकाम साबित हो रहा है। गंबर खड्ड से सहारे पेयजल की जरूरत पूरी करने वाले छावनी परिषद सुबाथू और कुनिहार में भी लोगों को हैंडपंपों से पानी भरना पड़ रहा है। विभाग और लोगों को अब बारिश का इंतजार है।
आलम यह है कि शड़ियाणा और जाड़ला पंचायत के दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को दो सप्ताह बीतने के बावजूद भी पानी नहीं मिल रहा। नदी में जलस्तर घटने से शड़ियाणा पंचायत में करोड़ों की लागत से तैयार हो रही पेयजल स्कीम शुरू होने से पहले ही हांफ गई। भीषण गर्मी में गंबर नदी के सूखने से एमईएस भी सैनिक परिवारों को सेना के पेयजल टैंकों से पानी मुहैया करवा रहा है। छावनी के लोग दिनरात हैंडपंपों के सहारे रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आईपीएच पानी का टैंक लगाकर लोगों की जरूरतों को पूरा करें।
पंप खराब होने से छपरौली स्कीम बंद
आईपीएच का मोटर पंप खराब होने के पिछले कुछ दिनों से छपरौली टैंक में पानी नहीं पहुंच रहा। इस कारण शड़ियाणा पंचायत के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। सहायक अभियंता मुनीश शर्मा ने कहा कि पंप ठीक करवाकर जल्द ही लोगों को पेयजल सप्लाई दी जाएगी। उन्होंने सुबाथू क्षेत्र में लोगों को वाहन आदि न धोने की हिदायत दी है।
बरसात नहीं हुई तो बढ़ेंगी मुश्किलें : विभाग
आईपीएच के सहायक अभियंता मुनीश शर्मा ने बताया कि गंबर खड्ड सूखने के कारण यह समस्या आ रही है। बताया की नदी में पानी सूखने के कारण एमईएस भी पानी नहीं उठा पा रहा है। गहरा गड्ढा करवाने के बाद भी पानी का स्तर बहुत कम है। कहा कि बरसात नहीं हुई तो समस्या और बढ़ सकती है।