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ऑनलाइन मिलेगा पेंशनधारकों का रिकॉर्ड, एक लाख 60 हजार फाइलों का हुआ डिजिटीकरण

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सोलन। पेंशनरों का सारा रिकॉर्ड अब ऑनलाइन हो जाएगा। इस दिशा में कार्य शुरू हो चुका है। महालेखाकार कार्यालय े वर्ष-1949 से लेकर 2017 तक के रिकॉर्ड का डिजिटीकरण कर रहा है। अभी तक गत 65 वर्ष का रिकॉर्ड कंप्यूटरीकृत किया जा चुका है। अभी तक एक लाख 60 हजार फाइलें डिजिटीकरण के माध्यम से सुरक्षित की जा चुकी हैं। यह बात उप महालेखाकार आरके शर्मा ने सोलन में चल रही पेंशन अदालत में कही। जुलाई 2018 तक डिजिटीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। महालेखाकार कार्यालय सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से संबंधित अभिलेख को भी कंप्यूटरीकरण के माध्यम से सुरक्षित करेगा।
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उन्होंने पेंशनभोगियों से आग्रह किया कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं एवं नियमों की जानकारी रखें। उप महालेखाकार ध्रुव भोला ने कहा कि इस दो दिवसीय पेंशन अदालत में पेंशन धारकों एवं पारिवारिक पेंशन भोगियों की विभिन्न समस्याओं का निपटारा किया गया। यहां पेंशन धारकों को विभिन्न फार्म, नामांकन पत्र, शिकायत निवारण प्रपत्र तथा अन्य आवश्यक फार्म उपलब्ध करवाए गए। इस दो दिवसीय पेंशन अदालत में पेंशन भोगियों, सामान्य भविष्य निधि से जुड़े मुद्दे तथा आहरण एवं वितरण अधिकारियों को विभिन्न जानकारियां भी प्रदान की गईं। पेंशन अदालत का उद्देश्य अधिकारियों एवं पेंशन भोगियों की जानकारी को अपडेट करना है।
महालेखाकार कार्यालय भविष्य में प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर ऐसी अदालतों का आयोजन करेगा। ऐसा प्रथम आयोजन सोलन जिला में किया गया। जिले के पेंशन धारकों से आग्रह किया कि पेंशन से संबंधित विभिन्न नियमों एवं समस्याओं के निपटारे के लिए वे संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी तथा जिला कोषाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। पेंशन अदालत में तीन सौ से अधिक पेंशन धारकों तथा आहरण एवं वितरण अधिकारियों ने भाग लिया। वरिष्ठ लेखा अधिकारी रवि कुमार वर्मा, जेआर चौधरी, नंदलाल मेहता, सीके शर्मा, कोषाधिकारी सुरेंद्र कुमार शर्मा, सहायक लेखा अधिकारी विजय कुमार, तिलक राज शर्मा, मोहन सिंह मौजूद रहे।
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