सोलन। हाईकोर्ट के आदेश पर मालरोड से कब्जे हटाने का क्रम शनिवार को दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। लोक निर्माण विभाग की हिदायत के बाद कुछ दुकानदारों ने खुद ही कब्जे हटाने की बात कही थी और देर शाम तक दुकानों के बाहर मजदूर लगाकर नालियों के ऊपर बनाए ढांचे को हटा लिया। लेकिन यह कार्रवाई विभाग और प्रशासन की उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई। जानकारी के अनुसार दुकानदारों ने नालियों के ऊपर या आगे दो से ढाई फुट तक कब्जे कर रखे थे। लेकिन जब हटाने की बारी आई तो उन्होंने सिर्फ एक या डेढ़ फुट तक ही कब्जों को अपने हिसाब से हटा दिया।
दोपहर बाद लोक निर्माण विभाग ने इन कब्जों को पूरी तरह हटाने के लिए फिर से कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान जेसीबी की मदद से कब्जों को नालियों के ऊपर से पूरी तरह साफ कर दिया गया। शाम छह बजे तक पीएनबी बैंक के सामने तक माल रोड से कब्जे हटा लिए थे। लोक निर्माण विभाग के अलावा प्रशासन और पुलिस के लोग भी इस कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। लेकिन जगह-जगह इन्हें व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने वाली टीम पर कारोबार प्रभावित करने के आरोप लगाए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विजय चौहान ने कहा कि विभाग ने 28 कब्जे चिह्नित किए थे। लेकिन असल में इनकी संख्या कहीं ज्यादा है और लोगों ने छोटे-छोटे अवैध निर्माण कर रखे हैं।
माल रोड से हटेंगे सभी कब्जे : डीसी
डीसी राकेश कंवर ने कहा कि जब तक माल रोड से सभी अवैध कब्जे हटा नहीं लिए जाएंगे कार्रवाई जारी रहेगी। कुछ दुकानदारों ने खुद कब्जे हटाने की बात कही थी। इसकी वजह से कार्रवाई में देरी हुई है। कई दुकानदारों ने प्रशासन की इस कार्रवाई में सहयोग कर खुद ही कब्जे हटाए हैं। कुछ जगहों पर जोर-जबरदस्ती कब्जे हटाने पड़े हैं।
पहले पार्किंग का बनवाए प्रशासन : व्यापारी
व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही कार्रवाई व्यापारियों को मंजूर है। लेकिन इस कार्रवाई से पूर्व प्रशासन को पार्किंग का निर्माण करना चाहिए था। मालरोड में कारोबारी पहले ही घाटे से जूझ रहे हैं। यहां गाड़ियां रुकने पर प्रतिबंध है। यदि प्रशासन पार्किंग का निर्माण करता है तो व्यापारियों और अन्य लोगों को सबको फायदा मिलेगा।