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नजी बसों की हड़ताल का असर, समय पर नहीं पहुंच पाए नौकरीपेशा

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निजी बसों की हड़ताल का असर, समय पर नहीं पहुंच पाए नौकरीपेशा
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सोलन-शिमला, सोलन-परवाणू-बीबीएन के बीच पेश आई बड़ी दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। निजी बसों की हड़ताल के चलते सोलन में लोगों को भारी परेशानी से जूझना पड़ा। सबसे अधिक असर शिमला-सोलन और सोलन-परवाणू-बीबीएन के बीच चलने वाली बसों पर रहा। इस रूट पर करीब 150 निजी बसें नहीं चल सकीं जिसकी वजह से यात्री काफी परेशान रहे। शिमला और सोलन के बीच अति महत्वपूर्ण बस रूट हैं। शिमला में नौकरीपेशा ज्यादातर कर्मचारी सुबह बस से सफर करके ड्यूटी पर जाते हैं जिन्हें निर्धारित समय पर बसें नहीं मिल पाईं। हालांकि, परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों का प्रबंध किया था लेकिन भीड़ के आगे ये बंदोबस्त बौने पड़ गए। परिवहन निगम की बसों में भारी भीड़ मौजूद रही और धक्कामुक्की तक की नौबत आ गई। कई जगह परिचालकों ने सवारियों को बस में बैठाया ही नहीं। हाईवे के किनारे बसों का इंतजार कर रहे लोग अपनी जगह खड़े रह गए। समय पर कार्यालय न पहुंच पाने की वजह से कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। साथ ही निजी बसों की हड़ताल के बाद सोलन शहर में अचानक से वाहनों की तादाद भी सोमवार को ज्यादा देखने को मिली। बसों की जगह निजी कार या मोटरसाइकिल से कर्मचारी और दूसरे लोग मुख्यालय पहुंचे। इससे सड़क पर वाहनों की भीड़ बढ़ गई और दिन भर जाम की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ा। निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल पर सोमवार शाम तक कोई निर्णय नहीं हो पाया। ऐसे में हड़ताल यदि आगे भी जारी रही तो हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं।
किराये में बढ़ोतरी करे सरकार : ऑपरेटर
शूलिनी निजी बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव रोहित शर्मा ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, टैक्स बढ़ गए हैं। इसके बावजूद किराया नहीं बढ़ाया जा रहा है। निजी बस चालकों के पास बसें खड़ी करने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम किराया 10 रुपये किया जाना चाहिए और सामान्य किराये में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि होनी जरूरी है।
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50 रूटों पर बीस अतिरिक्त बसें चलाई : निगम
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश धीमान का कहना है कि सोमवार को परिवहन निगम ने बीस अतिरिक्त बसों का प्रबंध किया था। 50 रूटों पर निगम ने 20 अतिरिक्त बसें चलाई हैं। निगम के चालकों और परिचालकों ने हालात को संभालने के लिए ओवरटाइम किया। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो ये प्रबंध जारी रहेंगे।
निजी बस ऑपरेटरों को दो करोड़ का नुकसान
सोलन में सोमवार को 320 निजी बसें हड़ताल के दौरान नहीं चली। इस दौरान निजी बस ऑपरेटरों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। बसों के न चलने की वजह से बस ऑपरेटरों को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यदि हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो इस नुकसान का आंकड़ा भी बढ़ता जाएगा। ऐसे में निजी बस ऑपरेटरों का घाटा और अधिक बढ़ सकता है।
बीबीएन में निजी बसों के पहिये रहे जाम
नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक हब बीबीएन में निजी बसों के पहिये पूरी तरह से जाम रहे और परिवहन निगम की बसें ही लोगों के लिए आवागमन का साधन बनी। हालांकि एचआरटीसी नालागढ़ डिपो ने अतिरिक्त ट्रिपों पर बसें चलाकर लोगों को राहत देने का भरसक प्रयास किया लेकिन जो रोजाना निजी बसों में सफर करके अपने समय को बांधकर चलते हैं, उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ी। सोमवार को औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में यात्रियों को लाने और ले जाने में जुटी करीब 100 से अधिक निजी बसें नहीं चलीं। शिमला, सोलन, नयनादेवी, भरतगढ़ आदि लंबे रूटों के अलावा स्थानीय करीब 500 रूटों पर निजी बसों के पहिये थमे रहे।
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हाईवे पर लंबे रूट की बसों न बैठाई सवारियां
धर्मपुर (सोलन)। निजी बसों से प्रदेशव्यापी हड़ताल का हाईवे पर कुछ असर तो दिखा लेकिन हिमाचल परिवहन निगम की ओर से चलाई गई अतिरिक्त बसों ने लोगों को ज्यादा तंग होने से बचा लिया। निगम की बसें हाईवे पर पड़ने वाले सभी छोटे बड़े स्टेशनों से सवारियां उठाते दिखे। यह असर पहली बार दिखा की लंबी दूरी की बसों ने भी छोटे बड़े स्टेशनों से सवारी उठाई। धर्मपुर बस स्टाप पर लंबे रूट की बसे चंडीगढ़-कालका से ओवरलोडिंग होने के कारण सवारियों को उठाने में असमर्थता जताई।
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