सोलन। शहर में पेयजल सप्लाई का तानाबाना तंदुरुस्त नहीं है। गंदी नालियां और सीवरेज कनेक्शनों से सटी हुई पेयजल पाइपों के माध्यम से घरों तक पीने का पानी पहुंच रहा है। सोलन शहर में न सिर्फ पानी की किल्लत है बल्कि जो पानी परोसा जा रहा है उसकी भी कड़ी जांच और सुधार की जरूरत है।
नगर परिषद और सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के बीच घिरे पेयजल सप्लाई के इस मुद्दे पर कोई भी विभाग जवाबदेही को तैयार नहीं है। शहर में पाइपें सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग ने डाली हैं जबकि पानी की सप्लाई और बसूली की जिम्मेदारी नगर परिषद के पास है। ऐसे में दोनों विभाग की इस खींचतान से पेयजल व्यवस्था का सुधार नहीं हो पा रहा है। फिलहाल, शहर में करीब 60 हजार की आबादी को पेयजल की सप्लाई की जा रही है। शहर भर में पानी की लीकेज से बड़ा सवाल अब उसमें दूषित तत्वों के मिलने का उठने लगा है। पाइप लाइन अरसा पुरानी हो चुकी है और इसकी वजह से पेयजल लाइन के पास गुजर रही गंदी नालियों का पानी भी लाइन में मिलने का खतरा बना रहता है। इस बारे में खुद प्रशासन भी चिंता जाहिर कर चुका है। प्रशासन ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद को पाईप लाईनों से पानी के रिसाव की जांच करने तथा पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाईं पाईपों को नालियों एवं मल निकासी पाईपों से अलग करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने इस संबंध में दो दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है।
घर के मालिकों पर होगी कार्रवाई : एडीएम
एडीएम संदीप नेगी ने कहा कि ऐसे निजी आवास मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे जिनकी पेयजलापूर्ति पाईपें नालियों एवं मलनिकासी पाईपों के साथ हैं। इन्हें अलग न करने की स्थिति में इन आवास मालिकों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग तथा नगर परिषद को निर्देश दिए कि शहर में पाईप लाईनों से पानी के रिसाव की जांच करें तथा पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाईपों को नालियों एवं मल निकासी पाईपों से अलग करने का प्रबंध जल्द से जल्द करे।
नालियों में लोग फैला रहे गंदगी : नप
नप के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि प्रशासन के निर्देश पर पेयजल लाइनों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग पेयजल पाइप लाइन में गंदगी मिला रहे हैं उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जरूरत है। मालरोड पर सीवरेज की लाइन नहीं है। यहां सिर्फ शहर से निकास नालियों को जोड़ा गया है लेकिन कुछ लोग इन नालियों में घरों की गंदगी और सीवरेज कनेक्शन डाल रखे हैं। इन पर कार्रवाई करते हुए उनकी पेयजल लाइन काट देनी चाहिए।
नगर परिषद की है जिम्मेदारी : आईपीएच
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियंता अवनीश कुमार ने कहा कि शहर में पेयजल का सारा काम नप के पास है। ऐसे में पेयजल पाइप लाइन की दुरुस्ती भी नप को ही करनी होगी। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को शहर में कोई रोल नहीं है। कहीं पाइप लीकेज हो रही है या गंदा पानी मिल रहा है तो यह नप की जिम्मेदारी है कि वह उसे ठीक करें।
पीलिया फैलने के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
शहर में पिछले साल पीलिया के दर्जनों मामले सामने आए थे। इसमें कई लोगों को अस्पताल में दाखिल होकर अपना उपचार तक करवाना पड़ा था। लेकिन इसके बावजूद पेयजल सप्लाई की व्यवस्था दुरुस्त न होना संबंधित विभागों की जनता के प्रति लापरवाही वाला रवैया दर्शाता है। गंदगी से भरी नालियों के बीच से गुजर रहीं पेयजल पाइपों के ज्वाइंट ढीले होने के कारण कई बार इसमें गंदगी मिक्स हो जाती है। इससे पीलिया जैसे रोग फैलने का खतरा रहता है।