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मस्ती मस्ती चढ़ जांदी अखियां नू किवें डक्कीदा गीत ने मचाया धमाल शूलिनी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

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मस्ती-मस्ती चढ़ जांदी...
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शूलिनी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में नूरा सिस्टर्स ने मचाया धमाल
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने कार्यक्रम में की शिरकत
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या सूफी गायकों के नाम रही। नूरा सिस्टर्स ने सांस्कृतिक संध्या में खूब धमाला मचाया। सूफी गायिका ज्योति नूरां और सुल्लताना नूरां ने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। नूरा सिस्टर्स ने खुली राह च पाई असां तेरियां..., मैं यार दा दिवाना... , जुगनी सहित मस्ती-मस्ती चढ़ जांदी..., कुल्ली राह विच पाई असां तेरे... पर समां बांध दिया।
इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिन ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम का आगाज मुख्यातिथि ने द्वीप प्रज्ज्वलित करके किया।
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हिमाचली कलाकारों और एनजेडसीसी ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पहाड़ी गायक कृतिका तंवर ने तुम हम को बुलया..., मेरे प्यारुआ... सहित कई हिंदी, पंजाबी व पहाड़ी गीतों पर दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया। पहाड़ी गायक दलीप सिरमौरी ने सोलन-सिरमौर सहित शिमला की वीरगाथाएं प्रस्तुत कीं। जिसे की हरूल कहा जाता है।
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नशे से संबंधित गीतों पर लगे रोक : दलीप सिरमौरी
शूलिनी मेले में की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देने पहुंचे पहाड़ी गायक कलाकार दलीप सिरमौरी ने बताया कि वह पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और वीरगाथाओं को प्रस्तुत कर उन्हें संजोय रखने की कोशिश कर रहे हैं। कहा कि सरकार व प्रशासन जहां नशे को लेकर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कुछ एक कलाकार नशे से संबंधित गीत गाते हैं। इसका युवाओं पर गलत असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में इस तरह के गीतों पर रोक लगानी चाहिए।
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