पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में सीबीएसई की ओर से आयोजित कार्यशाला के दौरान मौजूद शिक्षक। स्रोत :
पाइनग्रोव स्कूल में सीबीएसई कला शिक्षण और अधिगम पर कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में स्कूलों में कला के शिक्षण और अधिगम विषय पर सीबीएसई के सौजन्य से एक दिवसीय आंतरिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को और अधिक व्यावहारिक, रोचक और जीवनोपयोगी बनाना था। गतिविधियों और केस स्टडी के माध्यम से हुआ मंथन। इस कार्यशाला का संचालन मुख्य वक्ता नित्या मेहता और पूनम आनंद ने किया। उन्होंने सहभागी चर्चाओं, विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों और केस स्टडीज के माध्यम से उपस्थित शिक्षकों को कला के शिक्षण और अधिगम पर उनके प्रभाव पर गहराई से चिंतन करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में यह बात प्रमुखता से उभरकर आई कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास की एक कला है। सच्ची शिक्षा हमें सही सोच, अच्छे संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और मानवीय मूल्यों से जोड़ती है। परीक्षा के अंकों से आगे बढ़ने की जरूरत सत्र के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अंतिम उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन में सही और समयोचित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है। एक बेहतर शिक्षक वही है जो शिक्षा को प्रेरणादायक बनाकर विद्यार्थियों के भीतर सीखने की जिज्ञासा जगाए। कार्यशाला में स्कूल के लगभग 60 शिक्षकों ने भाग लिया।