क्षेत्रीय अस्पताल में एंबुलेंस सेवा
लड़खड़ाई, चार गाड़ियां खराब
दो एंबुलेंस के सहारे चल रहा काम, मरीज हो हरे परेशान
मरीजों को निजी गाड़ियों में ले जाने को मजबूर तीमारदार
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा हांफनी शुरू हो गई है। इस कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि मरीजों को अस्पताल में आने और जाने के लिए निजी वाहनों को किराये पर हायर करना पड़ रहा है। इससे उन्हें मानसिक परेशानी के साथ आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
अस्पताल में जीवीके कंपनी की ओर से चलाई जा रही 6 एंबुलेंस में से 4 एंबुलेंस खराब पड़ी हैं। इस कारण क्षेत्रीय अस्पताल का जिम्मा केवल दो एंबुलेंस के सहारे चल रहा है। इस कारण आए दिन मरीजों का समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। आलम यह है कि पूरे अस्पताल में मरीजों को सुविधा प्रदान करने के लिए सिर्फ एक छोटी और एक बड़ी एंबुलेंस ही अपनी सेवाएं दे रही हैं। लेकिन जीवीके कंपनी की ओर से काई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। मंगलवार को भी अस्पताल में पहुंचे मरीजों कर ऑटो या निजी गाड़ियों में ही अधिक पैसे देकर अपने घरों को जाना पड़ा। हालांकि जीवीके कंपनी की ओर से अस्पताल में चार एंबुलेंस के ठीक होने का दावा किया जा रहा है। अस्पताल में रोजाना भारी संख्या में मरीज इलाज करवाने के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें यहां से जाने के लिए 108 उपलब्ध ही नहीं हो पा रही है। इसी के साथ खराब पड़ी एंबुलेंस को अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है।
मरम्मत के लिए भेजी है एंबुलेंस : पाल
जीवीके कंपनी के जिला प्रभारी रजनीश पाल ने बताया कि अस्पताल में जीवीके कंपनी की खराब पड़ी एंबुलेंस को ठीक करवाने के लिए भेजा है। बताया कि कंपनी की 3 गाड़ियां चल रही हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए एंबुुलेंस का प्रावधान किया जा रहा है, ताकि कोई परेशानी न हो।