अर्की (सोलन)। विकास खंड कुनिहार की सरली पंचायत में अब कोई गरीब नहीं बचा है। यहां रहने वाले सभी परिवार गरीबी रेखा से ऊपर आ गए हैं। इसके साथ ही यह पंचायत सोलन जिला की पहली और प्रदेश की चौथी बीपीएल योजना मुक्त पंचायत बन गई है। पंचायत ने बीपीएल मुक्ति से पूर्व कुछ सख्त कदम उठाए थे जिसकी वजह से पंचायत पूरी तरह से बीपीएल मुक्त हो पाई है।
उन्होंने सभी बीपीएल परिवार को सरकार द्वारा दी जा रही इस योजना से मुक्त होने के लिए आह्वान किया। पंचायत प्रधान कुमारी रंजना के अनुसार पंचायत में 39 बीपीएल कार्डधारक थे। इनके साथ-साथ और लोग भी इसी योजना में आने की दावेदारी पेश कर रहे थे। इस पर रंजना पंवर ने सभी 39 व्यक्तियों को इनकम सर्टिफिकेट बनाने के निर्देश दिए जो इस पर खरे नहीं उतरे। इसके बाद 8 अप्रैल को जनरल हाउस हुआ। इसमें और मुद्दों के अलावा बीपीएल का मुद्दा विशेषकर छाया रहा। इस पर प्रधान ने महिलाओं को समझाया और महिलाओं ने उनका साथ देखकर सभी व्यक्तियों को बीपीएल सूची से बाहर करने का फैसला लिया।
गरीब के शराब पीने पर जुर्माने की व्यवस्था
पंचायत ने निर्देश दिए थे कि जो भी बीपीएल परिवार से संबंधित या अन्य व्यक्ति शराब पीता हुआ पकड़ा गया उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। इसे लेकर पंचायत प्रधान रंजना ने लोगों पर नजर बनाए रखी। साथ ही प्रत्येक घर में जा जाकर उन्होंने स्वयं सर्वे किया तथा घरों में इस्तेमाल होने वाले टीवी, फ्रिज, गाड़ियां और पक्के मकान देखकर उन्हें इस योजना के लिए अयोग्य करार दिया।
मेहनत पर भरोसा करें लोग : प्रधान
सरली पंचायत प्रधान रंजना ने सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं को किसी खैरात से कम नहीं समझती। उन्होंने बताया कि ऐसी योजनाओं को लेकर कभी व्यक्ति का विकास नहीं होता है। बल्कि वह पिछड़ा हुआ ही रहता है। उनका कहना है कि व्यक्ति को एक मेहनतकश बनना चाहिए तथा मेहनत से ही मुकाम को हासिल करना चाहिए।
पंचायत प्रधान बधाई की पात्र : बीडीओ
खंड विकास अधिकारी विजयंती नेगी ने बताया कि उन्हें बीपीएल मुक्त पंचायत की जानकारी मिल चुकी है। सरली पंचायत की प्रधान को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह ऐतिहासिक फैसला लेकर पूरे प्रदेश में अपना नाम रोशन किया है और महिला प्रधान होने का गौरव प्राप्त किया है। बीपीएल की सूची में रहने के लिए व्यक्ति की आय ढाई हजार रुपये महीना और सिंचाई वाली भूमि 12 बीघा तथा ड्राई एरिया 25 बीघा भूमि से अधिक नहीं होनी चाहिए।