नालागढ़ (सोलन)। सरकारी कार्यालय अब सोलर सिस्टम से लैस होकर जगमगाएंगे। यही नहीं शहरी क्षेत्रों को बिजली के तारों के जंजाल से भी निजात मिलेगी। इसके लिए इंटरग्रेटिड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत करीब 12 करोड़ के टेंडर हो चुके हैं। विद्युत बोर्ड की ओर से संबंधित ठेकेदार को लैटर ऑफ इंटेंट भी जारी कर दिया है। जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
जिले में सोलन, नालागढ़, बद्दी, अर्की और परवाणू उपमंडल शामिल हैं। इन क्षेत्रों में नगर परिषद और नगर पंचायतें भी हैं। शहरी क्षेत्रों के विद्युत ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए यह योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत ट्रांसफार्मर अपग्रेड होंगे और विद्युत लाइनों को बदला जाएगा। शहरों में अव्यवस्थित ढंग से फैले तारों के जाल से निजात मिलेगी। सरकारी दफ्तरों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। सरकारी कामकाज करने के लिए सोलर सिस्टम से ही विद्युत आपूर्ति होगी। इससे विद्युत बिलों में भी कटौती होगी।
ट्रांसफार्मरों की बढ़ेगी क्षमता
आईपीडीएस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में स्थापित ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड किया जाएगा। नए ट्रांसफार्मर भी स्थापित होंगे। इसके अलावा हाईटेंशन (एचटी) और लो टेंशन (एलटी) तारों को अपग्रेड किया जाएगा। नई और पुरानी तारों को बदलने से विद्युत आपूर्ति भी दुरुस्त होगी। बिजली के लगने वाले अघोषित कटों से भी निजात मिलेगी। अधीक्षण अभियंता विद्युत बोर्ड सुदेश सेन ने कहा कि आईपीडीएस योजना के तहत जिले में करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुणे की कंपनी के माध्यम से पांचों विद्युत उपमंडलों में विद्युत प्रणाली का आधुनिकीकरण होगा।
नालागढ़ में 3.41 करोड़ से होगा मॉड्रनाइजेशन
नालागढ़ शहर के लिए 3.41 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। नालागढ़ में सरकारी कार्यालयों में सोलर सिस्टम लगेंगे। विद्युत ढांचे का सुदृढ़ीकरण भी होगा। सरकारी कार्यालयों के बिजली बिलों में कमी आएगी। योजना के तहत 29 नए ट्रांसफार्मर स्थापित होंगे। 18 पुराने ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड किया जाएगा। सात किलोमीटर एचटी लाइनों और 3.50 किलोमीटर एलटी लाइनें नई बिछाई जाएंगी। वहीं पांच किलोमीटर लाईनों की तारों की कैपेसिटी को बढ़ाया जाएगा। एक्सइएन विद्युत बोर्ड नालागढ़ अमित गुप्ता ने कहा कि इस योजना के टेंडर हो गए हैं। विभाग ने ठेकेदार को लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर काम शुरू करने के लिए कहा है।