सोलन।
शिक्षा विभाग में जलवाहक महिला को तय अवधि से दो साल पहले ही सेवानिवृत्त कर दिया गया है। महिला कंडाघाट खंड के तहत प्राथमिक स्कूल कनाह में सेवारत थी। विभाग ने महिला को 31 दिसंबर को बिना कोई अतिरिक्त लाभ दिए घर भेज दिया।
आधार कार्ड के अनुसार महिला की आयु 57 साल है। उसे 2020 में सेवानिवृत्त होना था। महिला ने विभाग पर उसके दो साल खराब करने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित हरदेई ने बताया कि वह करीब 14 साल से शिक्षा विभाग में सेवारत थी। शुरूआत में आंशिक रूप से उसे मानदेय मिलता रहा। पिछली सरकार ने प्रदेश के अंशकालिक जलवाहकों का मानेदय बढ़ाया और जलवाहकों को दैनिक भोगी बना दिया गया।
उसे सेवानिवृत्ति से पूर्व छह हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा था। महिला के अनुसार दैनिकभोगी बनने के बाद वह दो साल का कार्यकाल पूरा कर लेती तो सरकार की शर्तों के मुताबिक वह नियमित हो सकती थी। लेकिन विभाग ने उसकी अनदेखी कर 31 दिसंबर को बिना कोई पुख्ता दस्तावेज जांचे उसे घर जाने के निर्देश सुना दिए। सेवानिवृत्ति प्रमाणपत्र के नाम पर स्कूल के मुख्याध्यापकों ने एक कागज पर उसकी सेवाएं समाप्त होने की बात लिखकर दे दी।
हरदेई के अनुसार उसे दिसंबर का वेतन भी नहीं दिया गया है। सेवानिवृत्त होने के बाद उसे गुजारा चलना मुश्किल हो रहा है। वह विधवा है और परिवार से अलग रहती है। महिला के अनुसार शिक्षा विभाग यदि उसे दो साल नौकरी पूरी करने का अवसर देता तो उसका बुढ़ावा सही ढंग से गुजर सकता था। विभाग ने तमाम कागजों की अनदेखी कर उसे समय से पूर्व ही निवृत्त कर दिया।
विभाग करेगा मामले की जांच : उपनिदेशक
एलीमेंटरी शिक्षा उपनिदेशक डॉ. चंद्रेश्वर शर्मा का कहना है कि महिला को विभाग पास शिकायत लेकर आना चाहिए था। ताकि इसकी पूरी जांच हो पाती। महिला के पास यदि आयु के पुख्ता प्रमाण हैं तो उनकी जांच की जाएगी। किन हालात में स्कूल प्रबंधन ने महिला को सेवानिवृत्त किया यह भी जांच का विषय रहेगा। यदि महिला 57 साल की पाई जाती है तो विभाग इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करेगा।