सोलन। जिले में सूखा मौसम नर्सरी में पल रहे करीब आठ हजार फलदायक पौधों को लील गया। यह पौधे बागवानी विभाग की ओर से जिला भर में वितरित किए जाने थे। लेकिन लगातार सूखे की वजह से पौधे सूख गए और अब किसी इस्तेमाल के लायक नहीं बचे हैं। इतना ही नहीं करीब सात हजार आम समेत अन्य प्रजातियों के (स्टोन फ्रूट) पौधे भी सूखे की भेंट चढ़े हैं। इन पौधों को बागवानी विभाग काटकर दोबारा से तैयार करने की कोशिश में है।
आम समेत अन्य प्रजातियों के यह पौधे बीबीएन में अधिकृत निजी नर्सियों में लगाए गए थे। यहां धुंध और कोहरे के प्रभाव से पौधे सूख गए। विभाग ने इन सात हजार पौधों को पूरी तरह से नष्ट करार नहीं दिया है। सूखे का बागवानी पर सबसे बड़ा प्रभाव पड़ा है। ऊपरी हिमाचल में सेब से आम तक सभी प्रजातियां इसकी जद्द में आने से प्रभावित हुई हैं। सेब के लिए जरूरी चिलिंग आवर पूरे नहीं हो पाए हैं। अन्य फल जिनमें नाशपाती, अखरोट, खुमानी और कीवी समेत अन्य शामिल पौधे भी सूखा बर्दाश्त नहीं कर पाए हैं तथा पनपने से पूर्व ही खत्म हो गए। बागवानी विभाग के मुताबिक इन पौधों के नष्ट होने की वजह से करीब 21 लाख रुपये का नुकसान अभी तक हो चुका है। सोलन में सूखे का मौसम अभी भी जारी है और इसकी वजह से नुकसान और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
11 नर्सरी में हो रही है पौधों की खेती
जिले में बागवानी विभाग कुल 11 नर्सियों के माध्यम से फलदायक पौधों की खेती करता है। इन पौधों को तैयार करके विभिन्न माध्यम से बागवानों तक पहुंचाया जाता है। विभाग के पास जिला में सात नर्सियां अपनी हैं जबकि चार नर्सियां निजी क्षेत्र की हैं। निजी नर्सरी के संचालकों का विभाग के साथ अनुबंध है और तैयार पौधों को यह नर्सियां विभाग तक पहुंचाने का काम करती हैं। इस बार सबसे ज्यादा नुकसान निजी क्षेत्र की नर्सियों में हुआ है।
बीबीएन में धुंध के प्रकोप से पौधे नष्ट
बीबीएन में इस बार धुंध का प्रकोप ज्यादा रहा है। इस वजह से यहां चल रही नर्सियों में पौधे अच्छी तरह से तैयार नहीं हो पाए। जिले में विभाग ने जिन 15 हजार पौधों को सूखे की वजह से नष्ट या प्रभावित करार दिया है उनमें से सर्वाधिक संख्या बीबीएन क्षेत्र में रोपे पौधे शामिल हैं। यहां की नर्सियों में विभाग गर्म इलाकों में पैदा होने वाले फलों को तैयार कर रहा था।
15 हजार पौधे हुए हैं प्रभावित : बलवंत गुलेरिया
बागवानी विभाग के उपनिदेशक बलवंत सिंह गुलेरिया ने कहा कि सूखे मौसम से नर्सरी में पनप रहे कुल 15 हजार पौधे प्रभावित हुए हैं। इनमें आठ हजार पौधे पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। सात हजार पौधे सूखे से प्रभावित हुए हैं। इनमें ज्यादातर आम के पौधे हैं जिन्हें विभाग दोबारा से रोपित करने की कोशिश कर रहा है। विभाग को सूखे की वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बीबडीएन क्षेत्र में पौधे धुंध की चपेट में रहने से नष्ट हुए हैं। स्टोन फ्रूट पर इसका प्रभाव ज्यादा रहा है।