फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ढिंगरी मशरूम के बने लड्डू से गर्भवती महिलाओं के बच्चे का होगा विकास

विज्ञापन
विज्ञापन
ललित कश्यप
विज्ञापन

सोलन।
प्रदेश भर में ढिंगरी मशरूम से अधिक कारोबार बटन मशरूम का है। लेकिन अब ढिंगरी मशरूम को बढ़ावा और इसके कारोबार को बढ़ाने के लिए किसानों ने इसकी खाद्य वस्तुओं को बनाना शुरू कर दिया है। इससे जहां मशरूम के कारोबार में बढ़ावा मिलेगा वहीं इससे लोगों का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।
बिहार की रहने वाली मशरूम किसान मनोरमा सिंह ने ढिंगरी मशरूम के लड्डू सहित अन्य मिठाइयां बनाई हैं। उनका मानना है कि ये मिठाई पुरुष, बच्चों, वरिष्ठ नागरिक सहित महिलाओं के सेवन करने पर उन्हें जहां कई प्रकार की बीमारियों से बचाती है। इसके अलावा उन्हें प्रोटीन भी देती है। इससे वह अपना स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। ढिंगरी मशरूम से बने लड्डू यदि किसी गर्भवती को खिलाए जाएं तो इससे जहां महिला स्वस्थ रहेगी। वहीं उसके पेट में पलने वाला बच्चे का भी सही रूप से विकास होगा। महिला गर्भ के बाद भी इसका सेवन कर सकती है।
विज्ञापन


इससे बच्चे के लिए मां का दूध कम नहीं होगा। यह एक ऐसी मशरूम है जोकि बिना किसी कैमिकल और खाद के तैयार की जाती है। इस मशरूम को भूसे में तैयार किया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार के कैमिकल की मिलावट नहीं होती। इसके कारण इसमें प्रोटीन की अधिक मात्रा होती है। इसके अलावा इसमें बहुत से औषधीय तत्व मौजूद हैं। जोकि शरीर से कॉलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर कम करने की क्षमता रखता है। इसमें 90 प्रतिशत पानी, प्रोटीन 2.5-3.0 प्रतिशत, आयरन 19.5 प्रतिशत, कार्बोहाइडेड 4-6 प्रतिशत, वसा 0.4-0.6 प्रतिशत, रेशा 10 प्रतिशत शामिल है।

लड्डू बनाने की विधि
ढिंगरी मशरूम से लड्डू बनाने के लिए सबसे पहले मशरूम को धूप या ड्रायल से सुखाया जाता है। इसके बाद इस सूखी मशरूम को मिक्सी में बारीक पाउडर बनाया जाता है। पाउडर तैयार हो जाने पर इस पाउडर को घी में भूना जाता है। भूनने के बाद चीनी की चाशनी तैयार की जाती है। इसके बाद तैयार चाशनी को ठंडा किया जाता है। ठंडा होने के बाद भूने हुए पाउडर को इसमें मिक्स किया जाता है। इसके बाद भूरे रंग का लड्डू तैयार हो जाता है। लड्डू बनाने के लिए इसमें बेसन को भी मिक्स कर सकते हैं। जिससे इस लड्डू का रंग बदल जाता है। अन्य मिठाइयां भी इसी तरह तैयार की जाती हैं। इसमें मशरूम पाउडर को मिक्स कर दिया जाता है। इससे पहले सोलन में मशरूम कैंडी सहित सेवियां, नूडल्स और अन्य खाद्य उत्पादों को भी बनाया गया है।
विज्ञापन


छोटे लेबल पर हो रहा कारोबार
हालांकि अभी लड्डू सहित अन्य मिठाइयों का कारोबार निचले स्तर पर किसान कर रहे हैं। जोकि किसान स्वयं मशरूम को तैयार कर यह उत्पाद निर्मित कर रहे हैं। कुछ किसान दूसरों से भी इससे बनने वाले उत्पादों के लिए मशरूम को खरीद रहे हैं। ढिंगरी से बने लड्डू का दाम 400 रुपये प्रति किलो है। अन्य मिठाइयों के दाम 500 रुपये और अचार का दाम 250 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है।

ये भी हैं फायदे
-शारीरिक सुदंरता को बढ़ता है
-मोटापा कम करता है
-कैंसर रोधी क्षमता बढ़ाता है
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें