सोलन। चंबाघाट से कैथलीघाट तक फोरलेन निर्माण के दौरान पेयजल की कोई दिक्कत आती है तो उसके लिए निर्माता कंपनी जिम्मेदार होगी। आईपीएच विभाग ने निर्माण के दौरान होने वाले नुकसान का आकलन कर इसकी एक रिपोर्ट निर्माता कंपनी को सौंप दी है। इस आकलन में दो करोड़ 80 लाख रुपये के नुकसान की संभावना जताई है।
आईपीएच ने इस आकलन में पाइपों मे टूटफूट, पाइप बदलने, जोड़ने के साथ जल भंडारण टैंकों की मरम्मत का काम कंपनी को आईपीएच की निगरानी में करना होगा। हालांकि, आईपीएच और कंपनी की आपस में पहले संयुक्त जांच हो चुकी थी। अब कार्य के चलते जहां से फोरलेन मार्ग जाना है, वहां से पानी की मेन सप्लाई, अंडर ग्राउंड पाइपों, हैंड पंप के साथ टैंकों के रखरखाव का जिम्मा कंपनी का होगा। जानकारी अनुसार पानी की कोई भी स्कीम फोरलेन की जद में नहीं आएगी। इससे पहले धर्मपुर से सोलन तक बनाए फोरलेन मार्ग में कंपनी का आईपीएच के साथ एमओयू साइन हुआ था। इसके तहत मेंटेनेंस का कार्य कंपनी ने किया था।
आईपीएच सोलन के अधिशासी अभियंता सुमित सूद ने बताया कि फोरलेन कार्य में पानी की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। आईपीएच विभाग ने एनएचएआई को पानी के पाइप की शिफ्टिंग को लेकर 2 करोड़ 80 लाख को एस्टिमेट सौंप दिया है। इसके तहत मेंटेनेंस का काम कंपनी को ही करना होगा।
सात जल भंडारण टैंक भी आएंगे जद में
फोरलेन मार्ग में आईपीएच विभाग की पानी की पाइपों के साथ जल भंडारण टैंक इसकी जद में आएंगे। इस काम के दौरान पांच-सात पानी के टैंक भी शामिल है। साथ ही पानी से संबंधित हर कार्य के साथ टैंकों की मेंटेनेंस का कार्य भी कंपनी के पास ही रहेगा।