सुबाथू (सोलन)। भीषण गर्मी में सैकड़ों लोगों की प्यास बुझाने वाले प्राकृतिक जलस्रोत सूखने लगे हैं। जलस्तर में गिरावट के चलते आईपीएच की पेयजल सप्लाई हांफने लगी है। इसके चलते पंचायत शड़ियाणा में सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक एक महीने से आईपीएच की स्कीम ठप पड़ी है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं।
आलम यह है कि रोज सुबह लोगों को प्यास बुझाने के लिए दूर दराज की बावड़ियों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। लेकिन अब भीषण गर्मी के चलते प्राकृतिक जलस्रोत भी सूखने लगे हैं। ऐेसे में आईपीएच की लचर कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त करने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है। करीब 250 लोगों के इस गांव में प्राकृतिक जलस्रोत सूखने के बाद प्यास बुझाने का कोई विकल्प नहीं है। स्थानीय निवासी ज्ञानचंद, रामलाल, धनीराम, उषा देवी, ललिता ठाकुर और मीना देवी ने बताया कि पानी की समस्या के कारण महिलाओं को पूरा दिन रोजमर्रा का गुजारा करने के लिए दूर दराज की बावड़ियों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। लेकिन घंटों पानी ढोने के बावजूद पशुओं की प्यास बुझाना मुश्किल होने लगा है। आईपीएच समस्या का समाधान करने में नाकाम साबित हो रहा है। पंचायत उपप्रधान हमेंद्र ठाकुर ने बताया की पेयजल समस्या पर आईपीएच के अधिकारियों को सूचना दी है। सुबाथू आईपीएच के सहायक अभियंता मुनीश शर्मा ने बताया कि उन्हें आज ही उपप्रधान के माध्यम से गद्दों में पेयजल समस्या की शिकायत मिली है। इसके लिए विभाग के कनिष्ठ अभियंता को समस्या का समाधान करने के लिए कहा है।