बददी/नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक हब बीबीएन को एक और नया नेशनल हाईवे जल्द मिल जाएगा। पड़ोसी राज्य पंजाब से जोड़ता हुआ प्रदेश की राजधानी को बनने वाले नए हाईवे के लिए हाईवे अथारिटी ने कमर कस ली है। यह पंजाब बार्डर की सीमा पर घनौली से नालागढ़ वाया रामशहर होते हुए शिमला के लिए बनेगा। इसके निर्माण को लेकर हाईवे अथारिटी ने डीपीआर कंसलटेंसी के लिए टेंडर बेस्ड एस्टिमेट तैयार कर एनएच अथारिटी ऑफ इंडिया को भेजा है। मंजूरी के बाद कंसलटेंट की नियुक्ति की जाएगी।
नए हाईवे के बनने से नालागढ़ से जहां शिमला की दूरी कम होकर 80 किमी रह जाएगी वहीं नालागढ़-पिंजौर हाईवे सहित पिंजौर-शिमला हाईवे के मार्ग पर यातायात दबाव भी कम होगा। इस हाईवे के बनने के बाद सैलानियों को राजधानी शिमला जाने के लिए एक और मार्ग मिल जाएगा। मौजूदा समय में नालागढ़ से वाया पिंजौर होकर शिमला की दूरी 130 किलोमीटर पड़ती है। नए हाईवे के बनने इसमें 50 किलोमीटर की कमी आएगी।
हाईवे निर्माण की कई बार चली प्रक्रिया
नालागढ़-शिमला स्टेट हाईवे को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाने का बीड़ा पूर्व विधायक स्व. हरिनारायण सैणी ने उठाया था। उन्होंने अपने कार्यकाल में इस हाईवे को लेकर बहुत प्रत्यन किए थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने भी नालागढ़ दौरे के दौरान इस मार्ग को हाईवे बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद पूर्व विधायक केएल ठाकुर ने भी इस मामले को केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष दोबारा उठाया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी इस मांग को दोहराया था। हाईवे अथारिटी के एक्सईएन अरविंद शर्मा ने कहा कि डीपीआर कंसलटेंसी के लिए टेंडर बेस्ड एस्टिमेट को मंजूरी मिलते ही कंसलटेंट नियुक्त हो जाएगा। हाईवे निर्माण के कार्य में तेजी लाई जाएगी।
यहां से होकर शिमला निकलेगा हाईवे
कालका-शिमला हाईवे पर वाहनों की भरमार के चलते यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में पर्यटकों के लिए यह मार्ग बेहतरीन विकल्प साबित होगा। अब सैलानी और लोग शिमला जाने के लिए घनौली-शिमला नालागढ़, रामशहर और कुनिहार होते हुए सीधे जुब्बड़हट्टी-टुटू शिमला निकलेंगे। यह एनएच कॉरिडोर एक मील का पत्थर साबित होगा। इस हाईवे के बनने से घनौली से नालागढ़ तक का खस्ता हाल मार्ग भी सुधरेगा। राजधानी शिमला जाने वाले लोगों और पर्यटकों को भी कम समय में बेहतर एनएच की सुविधा मुहैया होगी।