धर्मपुर (सोलन)। धर्मपुर-सुबाथू सहित कसौली मार्ग पर बस ठहराव के पास रेन शेल्टर न होने से यात्री परेशान हैं। बारिश, सर्दी और गरमी के मौसम में लोगों को खुले आसमान के तले ही बसों का इंतजार करना पड़ता है। प्रशासन ने हालांकि लोनिवि को भी हर बस ठहराव पर रेन शेल्टर और शौचालय बनाने के आदेश दिए थे लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने इन स्थानों पर जल्द रेन शेल्टर बनाने की मांग की है। स्थानीय निवासी सहित यात्री दीपक, विकास, अजमेर, सतीश कंवर, धर्मेंद्र और कसौली की ओर जाने वाले यात्री रिंकू, सुंदर सिंह, मनमोहन, राकेश, नीलम और अन्य ने बताया कि प्रशासन ने नए बस ठहराव तो निर्धारित कर दिए हैं, लेकिन यहां पर यात्रियों के लिए कोई भी सुविधा प्रदान नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि इस कड़ाके की ठंड और बारिश में लोगों को खुले में ही बसों का इंतजार करना पड़ेगा। इसके अलावा शौचालय न होने के कारण महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। रोजाना उक्त स्थानों से चंडीगढ़, शिमला, कसौली, सुबाथू, कुनिहार और अन्य क्षेत्रों के लिए जाने वाले सैकड़ों लोग इन बस ठहरावों पर इंतजार करते हैं।
बस ठहराव को ये स्थान किए हैं निधारित
धर्मपुर में सुबाथू और अर्की-कुनिहार की ओर जाने वाली बसों के लिए सुबाथू रोड पर रेलवे पुल से आगे बस ठहराव निर्धारित किया है। इसी तर्ज पर कसौली, कालका और चंडीगढ़ जाने वाली बसों के लिए एमईएस यार्ड के पास पुराने बस स्टैंड तथा शिमला-सोलन जाने वाली बसों के लिए रेलवे स्टेशन के ऊपर ही पुराना बस ठहराव निर्धारित किया है। पुराने बस ठहराव पर वर्षा शालिकाएं हैं लेकिन कसौली और सुबाथू वाले बस ठहराव पर वर्षा शालिकाएं न होने के कारण लोगों को भारी गर्मी और बारिश के मौसम में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कसौली और सुबाथू की और जाने वाले लोगों को बारिश में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
रेनशेल्टर के लिए नहीं कोई प्रपोजल : सोबती
कसौली लोनिवि के अधिशाषी अभियंता संदीप सोबती ने कहा कि कसौली बस स्टॉप नैशनल हाईवे के तहत आता है। सुबाथू वाले बस स्टाप पर वर्षा शालिका बनाने का अभी कोई प्रपोजल नहीं है। यदि बस स्टॉप पर वर्षाशालिका बनाने के कोई आदेश जिला उपायुक्त के हैं तो इस स्थान पर जल्द वर्षा शालिका बनाई जाएगी।