-यात्री बेबस-4-
तीन मुख्य रूट बंद बस खराब होने पर 60 किलोमीटर दूर सोलन भेजनी पड़ती है, वर्कशॉप भी अधूरी
न वर्कशॉप बनी, न पर्याप्त बसें मिलीं
मेकेनिक के नाम पर केवल एक वॉशरमैन
1.50 लाख से ज्यादा आबादी, कंडम बसों को रूटों पर भेजने के लिए मजबूर निगम, अक्सर हो जाती हैं खराब
योगेश शर्मा
अर्की (सोलन)। करीब डेढ़ लाख की आबादी वाले अर्की विधानसभा क्षेत्र में दर्जनों गांव आज भी बस सुविधा से महरूम हैं। अर्की मुख्यालय में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) का सब डिपो तो खुल गया, लेकिन यहां आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। डिपो में मात्र 18 बसें हैं, जबकि करीब 40 रूट संचालित किए जाने हैं। बसों की कमी के कारण अक्सर कोई न कोई रूट छूट जाता है, जिससे ग्रामीणों को कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता है।
क्षेत्र में कई पुरानी बसें भी रूटों पर चल रही हैं, जो अक्सर रास्ते में खराब हो जाती हैं। वर्कशॉप के नाम पर यहां केवल एक वॉशरमैन है। बसों की मरम्मत के लिए मेकेनिक और तकनीकी स्टाफ तक नहीं है। किसी बस के खराब होने पर उसे करीब 60 किलोमीटर दूर सोलन भेजना पड़ता है या निजी वर्कशॉप में अधिक खर्च कर मरम्मत करवानी पड़ती है।
वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने अर्की में एचआरटीसी सब डिपो का उद्घाटन किया था। इसके 14 वर्ष बाद भी सब डिपो में वर्कशॉप जैसी मूलभूत सुविधा विकसित नहीं हो सकी है। बस स्टैंड से करीब एक किलोमीटर दूर खरयावण में सब डिपो की वर्कशॉप है। इसके लिए साइट डेवलपमेंट के लिए 19 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। निगम की ओर से जमीन की पैमाइश भी करवाई जा चुकी है, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष पहले स्वीकृत राशि के बावजूद मौके पर कोई काम शुरू नहीं हो सका। अब फंड मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
तीन मुख्य रूट बंद
अर्की विधानसभा क्षेत्र में तीन मुख्य बस रूट बंद पड़े हैं। कई अन्य रूट बसों की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं। इनमें अर्की-ठांगर-पिपलूघाट-दाड़लाघाट, अर्की-डुमेहर-कुनिहार-मांझू और अर्की-दाड़लाघाट-बरशणु रूट शामिल हैं। कई अन्य रूटों को शुरू करने के लिए भी निगम के पास मांग पहुंची है, लेकिन बसों की कमी के कारण इन पर सेवा शुरू नहीं हो पाई है। फिलहाल निगम पुरानी बसों के सहारे काम चला रहा है। अधिकारियों के अनुसार नई बसें आवंटित होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्षेत्र में कितने नए रूट शुरू किए जा सकते हैं।
जल्द बहाल होंगे रूट
स्टाफ की कमी के कारण बंद पड़े रूटों को जल्द बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। जल्द ही अर्की का दौरा किया जाएगा। इसके साथ वर्कशॉप साइट पर काम शुरू करवाने के लिए उच्च अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
-प्रदीप ठाकुर, कार्यकारी क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी