सोलन। कोरोना काल में जिले के पंजीकृत सैकड़ों फूल उत्पादकों को दो करोड़ का नुकसान हुआ जबकि सरकार ने 35 लाख की राहत राशि जारी कर पल्ला झाड़ लिया है। यह नुकसान के मुकाबले बहुत कम है। यह राशि भी उद्यान विभाग मार्च माह तक फूल उत्पादकों के बैंक अकाउंट में डालने का लक्ष्य रखकर चल रहा है।
उत्पादकों से फूल के पौधों सहित अन्य बिल की मांग की है। इसके आधार पर उत्पादकों को राहत राशि दी जाएगी। इसमें सिर्फ उद्यान विभाग के तहत पंजीकृत उत्पादकों को ही राहत राशि दी जाएगी। फूल कारोबार में हुए नुकसान के आधार पर राहत राशि का आकलन होगा। जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस के प्रकोप से जिले में फूल उत्पादकों की आर्थिकी पर भी प्रभाव पड़ा है।
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संवेदनशील फूलों की फसल ज्यादा दिन टिकाऊ न होने से किसानों को इस बार भारी क्षति हुई है। बाहरी राज्यों को फूल की आपूर्ति न होने से उत्पादकों को लाखों का नुकसान हुआ है। कोविड लॉकडाउन के दौरान ट्रांसपोर्ट सुविधा नहीं मिलने से फूलों की सप्लाई बाहरी राज्यों के लिए नहीं हो पाई थी। जिले के चायल सहित अन्य क्षेत्रों के उत्पादकों ने मजबूरन फूलों की तैयार फसल को मवेशियों को खिला दिया था। इस दौरान किसान और फूल उत्पादकों को करीब दो करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था।
उधर, उद्यान विभाग सोलन के उपनिदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि बागवानों के लिए प्रदेश सरकार ने 35 लाख की राहत राशि जारी की है। अब विभाग वितरण का कार्य कर रहा है। राशि सीधे उत्पादकों के बैंक खाते में जमा होगी। यह कार्य मार्च तक ही किया जाएगा।