शहर के कूड़े से बनेगा कागज और खाद, 15 लाख भी बचाएगी नगर परिषद
सोलन शहर की गंदगी शिमला में ठिकाने लगाने पर हो रहे थे हर माह 15 लाख
नगर परिषद रोज 18 से 20 लाख टन कूड़ा कर रही शहर से एकत्रित, दो गाड़ियां भेजी जा रहीं थीं शिमला
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। अब सोलन शहर के कूड़े से नगर परिषद कमाई करेगा। शहर के कूड़े को निस्तारण के लिए शिमला नहीं भेजा जाएगा। नगर परिषद सोलन ने एक संस्था को कूड़े को प्रयोग करने का निर्णय लिया है। नगर परिषद को कचरा देने का पैसा भी नहीं देना पड़ेगा। नगर परिषद ने ट्रायल बेस पर संस्था को कूड़ा भेजना शुरू कर दिया है। यह संस्था कूड़ा लेने के बाद नगर परिषद को प्रतिमाह 40 हजार रुपये भी देगी। साथ ही, नगर परिषद सोलन को शहर की गंदगी को ठिकाने लगाने के लिए हर माह खर्च करने पड़ रहे 15 लाख रुपये की भी बचत होगी। इससे नगर परिषद को जहां कमाई होगी, वहीं शहर की सफाई भी होगी। यह संस्था प्लास्टिक सहित अन्य कूड़े को अलग-अलग कर उसका दोबारा से प्रयोग कर रही है। इससे कागज और खाद बनाई जा रही है।
इससे पहले नगर परिषद को सोलन शहर की गंदगी को ठिकाने लगाने के लिए हर माह करीब 15 लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। सोलन के सलोगड़ा में बने कूड़ा संयंत्र पर एनजीटी की रोक लगने के बाद नप शिमला भेजना पड़ रहा था। इससे पहले कूडे़ को चंडीगढ़ भी भेजा गया लेकिन चंडीगढ़ कूड़ा संयंत्र ने कूड़ा लेने के लिए मनाही कर दी थी।
सोलन शहर से रोजाना करीब 15 से 20 टन कूड़ा उगलता है। इसमें से एक से दो टन कचरा शिमला भेजा जा रहा था। नगर परिषद सोलन के लिए कूड़े को अलग-अलग करना मुश्किल हो रहा था। इसके चलते चंडीगढ़ कूड़ा संयंत्र ने सोलन की गंदगी को लेने से मना कर दिया था। इसके बाद सोलन की गंदगी को शिमला कूड़ा संयंत्र में भेजा जाने लगा।
अब शिमला नहीं भेजा जाएगा कूड़ा : ठाकुर
नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि अब सोलन शहर के कूड़े को शिमला नहीं भेजा जाएगा। नगर परिषद ने एक संस्था को कूड़े को प्रयोग करने का निर्णय लिया है। नगर परिषद को कचरा निस्तारण का पैसा भी नहीं देना पड़ेगा। यह संस्था को कूड़ा देने के बाद संस्था नगर परिषद को प्रतिमाह 40 हजार रुपये देगी। नगर परिषद की इनकम में भी बढ़ोतरी होगी। अभी ट्रायल बेस पर संस्था को कूड़ा भेजा जा रहा है। जो प्लास्टिक सहित अन्य कूड़े को अलग-अलग कर उसका दोबारा से प्रयोग कर रही है। इससे कागज और खाद बनाई जा रही है।