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नौणी विवि में कल से प्लांट पैथेलॉजी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

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अमर उजाला ब्यूरो

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सोलन। नौणी विवि के पादप रोग विज्ञान विभाग (प्लांट पैथोलॉजी) 2-3 नवंबर तक विश्वविद्यालय परिसर में किसानों की आय बढ़ाने के लिए संयंत्र स्वास्थ्य प्रबंधन में वैकल्पिक दृष्टिकोण विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के 260 वैज्ञानिक और छात्र भाग लेंगे।

इस संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि संगोष्ठी किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए भारत में भविष्य के शोध के लिए दिशा-निर्देश विकसित करने की दिशा में आणविक निदान, पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण, पौध पोषण और जैविक तनाव, पौधों की स्वास्थ्य समस्याओं और प्रबंधन से संबंधित उभरते मुद्दों को संबोधित करेगा। इस कार्यक्रम के दौरान पीएचडी छात्रों को प्रो. एमजेे नरसिम्हन अकादमिक मेरिट अवार्ड और एपीएस ट्रैवल अवार्ड भी दिया जाएगा। इस मौके पर योजना आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. वीएल चोपड़ा बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। निदेशक सीएसआईआर आईएचबीटी पालमपुर के डॉ. संजय कुमार विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
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संगोष्ठी में पारंपरिक कृषि दृष्टिकोणों ने हर वर्ष एक ही फसल के बार-बार उत्पादन से ऊर्जा आधारित इनपुट की लागत में वृद्धि और कृषि आय में कमी जैसी समस्याओं को जन्म दिया है। इससे पारिस्थितिक गड़बड़ी जैसे मिट्टी और जल प्रदूषण, मिट्टी कटाव और जैव विविधता पर प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तनशीलता फसल की खेती को भी प्रभावित करती है। पौध स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए गंभीर चिंताएं होती हैं। फसल उत्पादन के वैकल्पिक दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है जो टिकाऊ फसल उत्पादन में मदद करें।

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