सोलन। भोजनगर में कोल्ड स्टोर की वजह से धंसी उपजाऊ जमीन मामले में किसान सोमवार को एसडीएम से मिलने सोलन पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले के जांच की मांग की। साथ ही एसडीएम से मौके पर चलकर मुआयना कर कंपनी की मनमानी रोकने का आह्वान किया। प्रभावित किसानों ने कहा कि कोल्ड स्टोर की वजह से उनकी उपजाऊ जमीन खाई में बदल गई है। इससे उनकी नकदी फसल प्रभावित हुई है। किसान मुख्य रूप से टमाटर व दूसरी फसलें उगाकर जीवनयापन कर रहे थे।
अब उनके पास रोजगार का कोई साधन नहीं है। किसानों के अनुसार कोल्ड स्टोर बनने के बाद किसानों को कोई फायदा नहीं मिला है बल्कि उन्हें जमीन गंवानी पड़ी है। इस मौके पर कुछ किसानों ने घरों और गोशाला में दरारें आने की बात कही जबकि अन्य ने मलबा फेंकने से पत्थर उनकी जमीन व घरों तक आने के आरोप भी लगाए। किसानों की मांग पर एसडीएम ने पूरे मामले की जांच का जिम्मा नायब तहसीलदार सोलन को सौंप दिया है। उन्होंने नायब तहसीलदार को मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार करने और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
एक सप्ताह में तहसीलदार को रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय में सौंपनी होगी। इस मौके पर एसडीएम कार्यालय पहुंचे प्रभावित किसान रणजीत ठाकुर, दयाल सिंह ठाकुर, दलीप सिंह, मनोज कुमार, मदन लाल, राम कुमार, महिंद्र दत्त, नारायण दत्त, ओम राज, केदार दत्त, हरि सिंह आदि ने बताया कि वे मामले को लेकर कई अधिकारियों व नेताओं के समक्ष जा चुके हैं लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन की तरफ से उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे परिवार के साथ आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
एक सप्ताह में जांच पूरी करने के निर्देश : एसडीएम
एसडीएम रोहित राठौर ने बताया कि किसानों की मांग पर मामले की जांच बैठाई गई है। उन्होंने बताया कि नायब तहसीलदार को पूरी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नायब तहसीलदार मौके पर जाकर रिपोर्ट बनाएंगे और एक सप्ताह के भीतर जानकारी उन्हें मुहैया करवाएंगे। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई होगी। यदि कोल्ड स्टोर संचालक कंपनी दोषी पाई गई तो उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।