सोलन। लोकसभा चुनाव की तैयारियां कर रही सोलन भाजपा को बड़े विस्फोट का सामना करना पड़ा है। व्यापार मंडल के दोफाड़ होने के बाद निकली चिंगारी ने समूचे भाजपा मंडल को आग में झोंक दिया है। भाजपा मंडल ने महाव्यापार मंडल के अध्यक्ष कुशल जेठी की प्राथमिक सदस्यता को नकार दिया है। साथ ही उन पर पार्टी को बदनाम करने जैसे कई संगीन आरोप लगाए हैं। मंडलाध्यक्ष रविंद्र परिहार ने कुशल जेठी के भाजपा सदस्य होने से ही इंकार कर दिया है।
साथ ही उनकी किसी भी गतिविधि से पार्टी का कोई ताल्लुक न होने की बात कही है। इससे सोलन भाजपा में उथल-पुथल शुरू हो गई है। दरअसल, लोकतांत्रिक तरीके से व्यापार मंडल के प्रधान बने मुकेश गुप्ता के बड़े भाई भाजपा के कार्यकारी जिलाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। कुशल जेठी पूर्व में व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष रहे हैं। शूलिनी मेले के दौरान कुशल जेठी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुए व्यापार मंडल को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था और रातोंरात बैठक कर खुद की ताजपोशी अध्यक्ष पद पर कर दी थी। इसके बाद कुशल जेठी की सक्रियता राजनीति में बढ़ गई थी और वे हर छोटी-बड़ी बैठक में नजर आ रहे थे।
पिछले दिनों उन्होंने महाव्यापार मंडल का विस्तार करते हुए लंबी-चौड़ी कार्यकारिणी गठित की थी। इसके मीडिया में सार्वजनिक होते की मामला तूल पकड़ गया। अब भाजपा मंडल ने व्यापार मंडल के विवाद में कूदकर आग में घी डालने का काम कर दिया है। भाजपा मंडल ने कुशल जेठी की सदस्य नकारते हुए दुष्प्रचार के आरोप लगाए हैं। इस वजह से अब व्यापार मंडल के मामले को राजनीति की हवा लग गई है और आने वाले दिनों में इसके और अधिक भड़कने के आसार बन गए हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से करूंगा मंडलाध्यक्ष की शिकायत : जेठी
महाव्यापार मंडल के अध्यक्ष कुशल जेठी का कहना है कि वे भाजपा के 1980 से सदस्य हैं और उन्हें अपनी सदस्यता का प्रमाण मंडलाध्यक्ष को देने की जरूरत नहीं है। मंडलाध्यक्ष ने उन पर की कार्रवाई को मीडिया में सार्वजनिक कर दिया है जिसके खिलाफ वे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतवीर सत्ती से शिकायत करेंगे। उन्होंने मंडलाध्यक्ष पर भी 2000 में भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए पुराने कार्यकर्ता सक्रिय हो रहे हैं जिसे पार्टी के ओहदेदार पचा नहीं पा रहे हैं।
कुशल जेठी पहले सदस्यता लें, फिर काम करें : रविंद्र परिहार
भाजपा मंडलाध्यक्ष रविंद्र परिहार का कहना है कि कुशल जेठी भाजपा के सदस्य नहीं है। वह अपने हित साधने के लिए हर जगह खुद को पार्टी से जोड़कर प्रस्तुत करते हैं। इससे पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। पार्टी के नाम का दुरुपयोग करने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि कुशल जेठी सही मायने में भाजपा की सेवा करना चाहते हैं तो वे यह काम सदस्यता ग्रहण करके भी कर सकते हैं। उन्होंने नसीहत दी कि पहले मंडल में सदस्यता के लिए आवेदन करें और उसके बाद पार्टी काम करें।