सोलन। प्रदूषण फैला रहे बड़े संस्थानों पर इस बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाथ डाला है। एक या दो नहीं बल्कि एक साथ छह संस्थानों की बिजली काटने के आदेश जारी किए हैं। इनमें दो होटल, दो फार्मा उद्योग और दो वाहनों के बड़े शोरूम शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ बिजली बोर्ड को तत्काल कार्रवाई अमल में लाने को कहा है। यह सभी नोटिस 30 मई को जारी किए गए हैं। बिजली बोर्ड को आगे की कार्रवाई करने को कहा है। बोर्ड ने जिन्हें नोटिस
भेजे गए हैं उनमें राजगढ़ मार्ग पर एक होटल और मैरिज हाल, सनवारा में एक होटल, घट्टी में संचालित दो फार्मा उद्योग तथा समलेच में स्थित वाहनों के दो बड़े शो रूम शामिल हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन सभी पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिनियम 1974 व 1981 की अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई की है। दोनों फार्मा उद्योगों पर बाहर निकलने वाले तरल पदार्थ को बिना ट्रीटमेंट के सीधे नालियों में छोड़ने की बात कही है। समलेच में वाहनों के शोरूम संचालकों पर सीवरेज की नाली को सीधे सिंचाई कूहल में डालने का आरोप लगा है। इसके साथ ही दोनों होटलों पर नियमों के दुरुपयोग के तहत कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता अतुल परमार ने सभी छह संस्थानों को नोटिस भेजने की पुष्टि की है। इस संबंध में अगला कदम बिजली बोर्ड को उठाना है। उन्होंने कहा कि जिनको नोटिस जारी हुए हैं उन्होंने नियमों को तोड़ा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन होटलों की बाकायदा जांच की थी और जो खामियां उजागर हुईं उन्हें दूर करने के लिए कई बार नोटिस दिए गए। लेकिन संचालकों ने नोटिसों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते अब बोर्ड को सख्त कदम उठाने पड़े हैं। उधर, जिन संस्थानों को नोटिस जारी हुए हैं उनमें से ज्यादातर के पास अभी इसकी कॉपी नहीं पहुंची है और उन्होंने कॉपी मिलने के बाद ही इस संबंध में उचित कदम उठाने की बात कही है।