कुठाड़ (सोलन)।
कृष्णगढ़ पंचायत में आयोजित ग्राम सभा में शराब के ठेके को बदलने पर खूब हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने ठेके पर ताला जड़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। गुस्साए ग्रामीण और महिलाएं ठेके के बाहर धरने पर बैठ गए और ठेके को दूसरी जगह बदलने की मांग करने लगे।
महिलाओं और लोगों ने ग्रामसभा की बैठक को बीच में छोड़कर ठेके पर धरना दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। पुलिस ने बातचीत कर मामला सुलझाने को कहा। पुलिस प्रशासन को जैसे ही इसकी सूचना मिली कि कुठाड़ ठेके पर धरना प्रदर्शन और तोड़ फोड़ होने की आशंका है तो कसौली और कुठाड़ से पुलिस बल ने मोर्चा संभाल लिया। ठेके को बंद करने पर अड़े लोगों को इसमें कामयाब नहीं होने दिया गया।
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बीच में हल्की धक्कामुक्की और बहसबाजी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस की मुस्तैदी के चलते कोई बड़ी घटना और तोड़फोड़ नहीं हुई। बीच में महिलाओं ने रास्ता रोकने की भी कोशिश की। लेकिन महिला पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। काफी कहासुनी और बहस के बाद महिलाएं ठेके के बाहर धरने पर बैठ गईं। पंचायत और पुलिस के समझाने के बाद ठेकेदार को पंचायत की बैठक में बात करने के लिए बुलाया गया। पंचायत ग्रामसभा में इस ठेके को किसी दूसरी जगह बदलने पर आम सहमति बनी जिस पर ग्रामसभा ने मोहर लगा दी। गौरतलब है कि कृष्णगढ़ में ठेकेदार ने मर्जी से ठेके को 31 मार्च के बाद किसी दूसरी जगह बदल दिया था। इस पर लोगों और महिलाओं ने एतराज जताया था। लोगों ने प्रशासन से भी इसकी शिकायत की थी। रविवार को ग्राम सभा की बैठक बीच में छोड़ कर लोगों ने ठेके को बंद करने और दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए धरना दिया। पंचायत ने ठेके को दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव भी पारित किया।
ग्रामसभा में बनी सहमति : वशिष्ठ
पंचायत प्रधान रामनाथ वशिष्ठ और उपप्रधान पवन शर्मा ने बताया कि शराब के ठेके की जगह बदलने को लेकर आम सहमति बनाई गई है। ग्रामसभा में सर्वसम्मति से लोगों से ठेेके को दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव पारित किया है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पंचायत ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव के आधार पर ही आगे की कार्रवाई करेगी।